Friday, April 16, 2021
Home देश-समाज 'जिस्म की गर्मी': बॉलीवुड के लिए रेप ऐसे जैसे कुछ हुआ ही नहीं, फिल्मों...

‘जिस्म की गर्मी’: बॉलीवुड के लिए रेप ऐसे जैसे कुछ हुआ ही नहीं, फिल्मों के जरिए यौन शोषण का किया जाता है महिमांडन

अगर समाज में बलात्कार आज दुर्भाग्य से इतना सामान्य बना दिया गया है, तो इसके पीछे बॉलीवुड द्वारा दिखाई गई सामग्रियों को भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। बॉलीवुड ने पूरे 70 और 90 के दशक में 'जिस्मी की गर्मी' की धारणा के जरिए रेप का सामान्यीकरण किया।

बॉलीवुड का लोगों के जीवन और उनके सोच-विचार पर अच्छा-खासा असर पड़ता है। चाहे फ़िल्मी कलाकारों की नक़ल करना हो, उनके डायलॉग्स बोलना हो या फिर उनका ड्रेसिंग स्टाइल कॉपी करना हो- बॉलीवुड का समाज पर खासा प्रभाव है। आज जब बलात्कार के मामलों को लेकर देश आक्रोशित है, हम ये सोचने में लगे हैं कि किस मानसिकता के तहत ऐसे अपराधों को अंजाम दिया जाता है।

बलात्कार के मामले जब-जब सुर्ख़ियों में आते हैं, तब-तब हम इस पर हो रही राजनीति की निंदा करते हैं, लेकिन हमारे समाज में बलात्कार इतना सामान्य क्यों बना दिया गया है, इस बारे में हम नहीं सोचते। अगर समाज में बलात्कार आज दुर्भाग्य से इतना सामान्य बना दिया गया है, तो इसके पीछे बॉलीवुड द्वारा दिखाई गई सामग्रियों को भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। बॉलीवुड ने पूरे 70 और 90 के दशक में ‘जिस्मी की गर्मी’ की धारणा के जरिए रेप का सामान्यीकरण किया।

जब भी कोई बलात्कार या इसके प्रयास या फिर किसी महिला को बुरी नज़र से देखता है तो फिल्मों में इसी धारणा का प्रयोग किया गया। बलात्कार जैसे घृणित अपराध को ‘जिस्म की गर्मी’ का नाम देकर इसे नॉर्मल बना दिया गया। ट्विटर हैंडल ‘जेम्स ऑफ बॉलीवुड’ ने कई वीडियो के जरिए बताया है कि कैसे बॉलीवुड में बड़ी-बड़ी फिल्मों में भी बलात्कार को एक सामान्य घटना बना कर रख दिया गया।

साथ ही इन फिल्मों में महिलाओं को भी एक ऑब्जेक्ट की तरह पेश किया गया। इसी तरह की एक फिल्म है ‘आ गले लग जा (1973)’, जिसमें शशि कपूर अस्वस्थ शर्मिला टैगोर को ठीक करने की कोशिश करते हैं, लेकिन जब कुछ भी काम नहीं आता है तो कपड़े उतारकर ‘जिस्म की गर्मी देते’ हैं। इसमें दिखाया जाता है कि ‘साथ में सो कर जिस्म की गर्मी ट्रांसफर की जा सकती है, जिससे उसकी जान बच सकती है।

इसके बाद शशि कपूर एक कम्बल डालते हैं और कपड़े उतार कर शर्मिला टैगोर के साथ सोते हैं और ‘प्यार’ करते हैं। यहाँ बड़े आराम से ”जिस्म की गर्मी’ के जरिए बलात्कार को ठीक बताने की कोशिश की गई है। बाद में शर्मिला टैगोर भी कहती हैं कि एक जान बचाने की कोई कीमत नहीं है, वो भी शशि की जगह रहती तो यही करती। इस तरह से बेहोश महिला के बलात्कार को फिल्म में सही ठहराया गया।

इसी तरह की एक फिल्म ‘बदले की आग (1982)’ में सुनील दत्त इसी तरह की एक परिस्थिति में पड़ते हैं। अभिनेत्री रीना रॉय को बुखार है और वो बेहोश होती हैं। जब बात नहीं बनती है तो वो अभिनेत्री के कपड़े उतार कर फेंक देते हैं और ‘जिस्म की गर्मी’ ट्रांसफर करते हैं। बाद में अभिनेता इसे सही ठहराता है और अभिनेत्री को भी इससे कोई समस्या नहीं होती है। यहाँ भी बलात्कार का महिमामंडन किया गया है।

इसी तरह की फिल्म ‘गंगा यमुना सरस्वती (1988)’ की एक फिल्म में अमिताभ बच्चन का किरदार मीनाक्षी शेषाद्रि के किरदार का बलात्कार करते हैं और इसके लिए भी इसी बहाने के जरिए इसे ठीक ठहराने की कोशिश होती है। 1991 में आई अक्षय कुमार की ‘सौगंध’ में यही दिखाया गया है। बाद में गुस्से में अभिनेत्री को अक्षय का दोस्त कहता है कि उसने उसकी जान बचाने के लिए ऐसा किया और यहाँ भी इसे ठीक ठहराया गया है।

इसी तरह की एक फिल्म ‘बेनाम बादशाह’ में अनिल कपूर जूही चावला का रेप करते हैं। उसे 5000 रुपए दिए गए होते हैं, अभिनेत्री की शादी की रात ही बलात्कार करने के लिए। इसमें एक डायलॉग है, “दाग मिट सकता है, अगर दाग लगाने वाला सिंदूर लगा दे“, जिसके जरिए रेप को जस्टिफाई किया गया है। फिल्मों में यह सिलसिला लंबे समय से चलता आ रहा है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

CPI(M) ने TMC के लोगों को मारा पर वो BJP से अच्छे: डैमेज कंट्रोल करने आए डेरेक ने किया बेड़ा गर्क

प्रशांत किशोर ने जब से क्लब हाउस में TMC को डैमेज किया है, उसे कंट्रोल करने की कोशिशें लगातार हो रहीं। यशवंत सिन्हा से लेकर...

ईसाई मिशनरियों ने बोया घृणा का बीज, 500+ की भीड़ ने 2 साधुओं की ली जान: 181 आरोपितों को मिल चुकी है जमानत

एक 70 साल के बूढ़े साधु का हँसता हुआ चेहरा आपको याद होगा? पालघर में हिन्दूघृणा में 2 साधुओं और एक ड्राइवर की मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर मीडिया चुप रहा। लिबरल गिरोह ने सवाल नहीं पूछे।

जिन ब्राह्मणों के खिलाफ भड़काता था लालू, उसकी रिहाई के लिए उन्हीं से पूजा-पाठ करवा रहे बेटे: बेल पर सुनवाई

लालू की रिहाई के लिए तेजस्वी यादव ने देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और वासुकीनाथ धाम में प्रार्थना की। तेज प्रताप नवरात्र कर रहे हैं।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आगे आए अखाड़े, कुम्भ समाप्ति की घोषणा: जमातियों से तुलना करने वालों को झटका

निरंजनी अखाड़ा, आनंद अखाड़े ने ये घोषणा की है। दोनों अखाड़ों ने अप्रैल 17 को हरिद्वार में कुम्भ की समाप्ति की घोषणा की। कई अखाड़े आ सकते हैं साथ।

दिल्ली सरकार के App पर हॉस्पिटल में कई बेड्स खाली, हकीकत में एक भी नहीं: CM केजरीवाल ने झूठ बोला?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दावा कर रहे हैं कि प्रदेश में हॉस्पिटल बेड्स की कमी नहीं है, लेकिन जमीनी स्थिति इसके एकदम उलट है।

द प्रिंट की ‘ज्योति’ में केमिकल लोचा ही नहीं, हिसाब-किताब में भी कमजोर: अल्पज्ञान पर पहले भी करा चुकी हैं फजीहत

रेमेडिसविर पर 'ज्ञान' बघार फजीहत कराने वाली ज्योति मल्होत्रा मिलियन के फेर में भी पड़ चुकी हैं। उनके इस 'ज्ञान' के बचाव में द प्रिंट हास्यास्पद सफाई भी दे चुका है।

प्रचलित ख़बरें

सोशल मीडिया पर नागा साधुओं का मजाक उड़ाने पर फँसी सिमी ग्रेवाल, यूजर्स ने उनकी बिकनी फोटो शेयर कर दिया जवाब

सिमी ग्रेवाल नागा साधुओं की फोटो शेयर करने के बाद से यूजर्स के निशाने पर आ गई हैं। उन्होंने कुंभ मेले में स्नान करने गए नागा साधुओं का...

बेटी के साथ रेप का बदला? पीड़ित पिता ने एक ही परिवार के 6 लोगों की लाश बिछा दी, 6 महीने के बच्चे को...

मृतकों के परिवार के जिस व्यक्ति पर रेप का आरोप है वह फरार है। पुलिस ने हत्या के आरोपित को हिरासत में ले लिया है।

‘अब या तो गुस्ताख रहेंगे या हम, क्योंकि ये गर्दन नबी की अजमत के लिए है’: तहरीक फरोग-ए-इस्लाम की लिस्ट, नरसिंहानंद को बताया ‘वहशी’

मौलवियों ने कहा कि 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान लाठी-गोलियाँ चलेंगी, लेकिन हिंदुस्तान की जेलें भर जाएंगी, क्योंकि सवाल नबी की अजमत का है।

चीन के लिए बैटिंग या 4200 करोड़ रुपए पर ध्यान: CM ठाकरे क्यों चाहते हैं कोरोना घोषित हो प्राकृतिक आपदा?

COVID19 यदि प्राकृतिक आपदा घोषित हो जाए तो स्टेट डिज़ैस्टर रिलीफ़ फंड में इकट्ठा हुए क़रीब 4200 करोड़ रुपए को खर्च करने का रास्ता खुल जाएगा।

जहाँ इस्लाम का जन्म हुआ, उस सऊदी अरब में पढ़ाया जा रहा है रामायण-महाभारत

इस्लामिक राष्ट्र सऊदी अरब ने बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच खुद को उसमें ढालना शुरू कर दिया है। मुस्लिम देश ने शैक्षणिक क्षेत्र में...

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,234FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe