Homeदेश-समाजमालेगाँव ब्लास्ट: बॉम्बे हाईकोर्ट ने चार आरोपितों को दी ज़मानत

मालेगाँव ब्लास्ट: बॉम्बे हाईकोर्ट ने चार आरोपितों को दी ज़मानत

इससे पहले स्पेशल जज वीवी पाटिल ने ज़मानत याचिका यह कहते हुए ख़ारिज कर दी थी कि अपराध की गंभीरता और आरोपी व्यक्तियों के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों को ध्यान में रखते हुए, वे ज़मानत के लायक नहीं हैं।

मालेगाँव ब्लास्ट मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने चार आरोपितों को ज़नानत दे दी है। इन चार आरोपितों में लोकेश शर्मा, धन सिंह, राजेंद्र चौधरी और मनोहर नरवरिया के नाम शामिल हैं। इससे पहले, राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने सोमवार (3 जून) को मालेगाँव विस्फोट मामले के इन चारों आरोपितों की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी थी।

स्पेशल जज वीवी पाटिल ने ज़मानत याचिका यह कहते हुए ख़ारिज कर दी थी कि अपराध की गंभीरता और आरोपी व्यक्तियों के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों को ध्यान में रखते हुए, वे ज़मानत के लायक नहीं हैं।

अदालत ने इन आरोपितों के संदर्भ में कहा था कि NIA द्वारा एकत्र किए गए सबूतों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि ये सभी आरोपी, फरार अभियुक्तों के साथ बम तैयार करते थे, जो 8 सितंबर 2006 को मालेगाँव में लगाए गए। इस विस्फोट में 31 लोगों ने अपनी जान गंवाई और 312 लोग घायल हुए थे। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता जेपी मिश्रा और प्रशांत माघुल ने इन चारों के शामिल होने का कोई ठोस सबूत नहीं होने का हवाला दिया था।

हाल ही में, मुंबई की विशेष NIA कोर्ट ने मालेगाँव ब्लास्ट के आरोपितों के ख़िलाफ़ सख़्त रवैया अपनाया था। दरअसल, कोर्ट का यह सख़्त रवैया आरोपितों के कोर्ट में उपस्थित न होने के लिए था। पिछले काफ़ी समय से आरोपित कोर्ट में लगातार अनुपस्थित रहे थे, इसलिए कोर्ट ने सभी आरोपितों को सुनवाई के दौरान सप्ताह में एक बार कोर्ट रूम में हाज़िरी लगाने का निर्देश दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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