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‘ब्राह्मणों को मार दिया जाना चाहिए, हिंदी एक आम भाषा है, इसे रिक्शा चलाने वाले लोग बोलते हैं’

"मैं ब्राह्मण हूँ, लेकिन मैंने अपनी फिल्म में लगून (जनेऊ) तोड़ दिया। मैंने बहुत पहले ही इसे उतार दिया था और अभी भी इसे नहीं पहनता। इन ब्राह्मणों को मार दिया जाना चाहिए।"

अपने विवादित बयान को लेकर चर्चा में रहने वाले असमिया गायक जुबीन गर्ग एक बार फिर विवादों में तब घिर गए, जब उन्होंने ब्राह्मण समाज को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने शुक्रवार (जुलाई 26, 2019) को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ब्राह्मणों को मार देना चाहिए। अपनी अपकमिंग मूवी कंचनजंघा का प्रमोशन करते हुए उन्होंने कहा, “मैं ब्राह्मण हूँ, लेकिन मैंने अपनी फिल्म में लगून (जनेऊ) तोड़ दिया। मैंने बहुत पहले ही इसे उतार दिया था और अभी भी इसे नहीं पहनता। इन ब्राह्मणों को मार दिया जाना चाहिए।”

गर्ग के विवादित बयान के बाद ब्राह्मण समुदाय के कई लोगों ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया। गुवाहाटी के भांगागढ़ पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी खरगेश्वर राभा ने कहा कि विभिन्न समूहों और जातियों के बीच नफरत फैलाने के लिए आईपीसी की कई धाराओं के तहत रविवार (जुलाई 28, 2019) को गर्ग के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसके अलावा गर्ग के खिलाफ एक और मामला गुवाहाटी के बाहरी इलाके बैहाटा चाराली में भी दर्ज किया गया है। इस मामले को भी भांगागढ़ पुलिस थाने में भेज दिया गया है, क्योंकि यह इलाका भी इसी थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है।

इस कार्यक्रम के दौरान गर्ग ने हिंदी भाषा को लेकर भी विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह एक आम भाषा है और इसे रिक्शा चलाने वाले लोग बोलते हैं। उनका यह बयान लोकल टीवी चैनल पर प्रसारित किया गया, जिसे देखकर सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके खिलाफ आक्रोश जाहिर किया। अखिल असम ब्राह्मण समाज के उपाध्यक्ष सिबा सरमा का कहना है कि गर्ग भले ही अच्छे और प्रख्यात सिंगर हों, मगर ब्राह्मण समाज को लेकर दिया गया उनका बयान असंवैधानिक है।

शनिवार को बिश्वनाथ, उदलगुरी, दरांग, मोरीगांव समेत ब्राह्मण समाज की कई यूनिटों ने गायक गर्ग के खिलाफ बैठक की और जल्द ही सभी यूनिट गर्ग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएगी। साथ ही अखिल असम देवालय संघ के सचिव के सचिव मनोज शर्मा ने भी जुबीन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात कही।

वहीं, अपने बयान को लेकर जुबीन का कहना है कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है, वह कुछ और कहना चाहते थे लेकिन लोगों ने इसका गलत मतलब निकाल लिया। गर्ग ने कहा कि वह अभी अपने बयान पर कुछ नहीं कहना चाहते हैं, बाद में वह अपने बयान पर सफाई देंगे।

गौरतलब है कि गायक गर्ग ने पिछले साल भी ब्राह्मण समुदाय को लेकर विवादित बयान दिया था। तब उन्होंने कामाख्या मंदिर में दी जाने वाली बलि और जनेऊ के खिलाफ बोलकर समुदाय को आक्रोशित कर दिया था। साथ ही जुबीन ने इसी साल जनवरी में सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था। इतना ही नहीं, उन्होंने तो मीडिया के माध्यम से भारतीय एथलीट हिमा दास को सफलता के लिए बीफ खाने तक की सलाह दे डाली थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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