Wednesday, January 26, 2022
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तूतीकोरिन में पुलिस हिरासत में हुई पिता पुत्र की दर्दनाक मौत की जाँच अब सीबीआई के हवाले, केंद्र ने दी मंजूरी

जब तक सीबीआई अपनी तरफ से कार्रवाई शुरू नहीं करती है तब तक सीआईडी की विशेष शाखा सीबी-सीआईडी मामले की जाँच करेगी। ज़िले के संथाकुलम थाने में हुई पिता पुत्र की मौत के बाद 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जिसमें एक इंस्पेक्टर समेत कुल 5 पुलिस वाले शामिल थे।

तमिलनाडु सरकार ने पिछले महीने ही यह स्पष्ट कर दिया था। जिस तरह पुलिस की हिरासत में पिता पुत्र की दर्दनाक तरीके से मौत हुई है, इसे देखते हुए हम यह मामला सीबीआई को सौंपने की सिफारिश करेंगे। केंद्र सरकार की तरफ से अधिसूचना जारी होने के बाद मद्रास उच्च न्यायालय ने भी एक आदेश जारी किया है। 

आदेश के मुताबिक़ जब तक सीबीआई अपनी तरफ से कार्रवाई शुरू नहीं करती है तब तक सीआईडी की विशेष शाखा सीबी-सीआईडी मामले की जाँच करेगी। ज़िले के संथाकुलम थाने में हुई पिता पुत्र की मौत के बाद 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जिसमें एक इंस्पेक्टर समेत कुल 5 पुलिस वाले शामिल थे। 

तमिलनाडु में तूतीकोरिन में पुलिस हिरासत में पिता और बेटे की की मौत हुई थी। पुलिस ने तूतीकोरिन में पी जयराज (59) और उनके बेटे जे बेनिक्स (Benicks/Fenix) (31) को निर्धारित समय के बाद भी मोबाइल की दुकान खोले रखने पर 19 जून को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उनकी हिरासत में ही मृत्यु हो गई। आरोप है कि उन्हें हिरासत में यातना दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई।

चेन्नई स्थित समाचार वेबसाइट ‘द फेडरल’ ने उन चश्मदीदों की बातों का जिक्र किया, जिन्होंने यह दावा किया था कि दोनों जेल में रहते हुए यौन उत्पीड़न के शिकार हुए थे। मृतक जे बेनिक्स के एक दोस्त राजकुमार ने कहा- “20 जून को सुबह 7 से 12 बजे के बीच, पिता और पुत्र ने कम से कम सात लुंगियाँ (शरीर के निचले भाग में पहना जाने वाला कपड़ा) बदली थीं, क्योंकि वे अपने मलाशय से खून बहने के कारण गीले हो गए थे।”

बेनिक्स के मित्र ने यह भी कहा कि उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे दोनों को संथकुलम के सरकारी अस्पताल में ले जाने के लिए एक वाहन की व्यवस्था करें। फिर, पिता-पुत्र ने स्पष्ट रूप से अपने मलाशय में दर्द की शिकायत की थी। उन्हें काफी खून बह रहा था और उनकी लुंगी को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में बदलना पड़ा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तारी के चार दिन बाद दोनों पिता-पुत्र की अस्पताल में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि तमिलनाडु पुलिस ने पिता और बेटे की हिरासत में खूब पिटाई की थी और पुलिस द्वारा की गई मारपीट और हिंसा के निशान मृतकों के शरीर पर थे। घर वालों की माँग है कि आरोपी पुलिस कर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए।

मृतक जे बेनिक्स (फ़ेनिक्स) के मित्र राजकुमार ने कहा था कि पुलिस उसे जयराज समझकर 19 जून को स्टेशन पर ले गई। इसके बाद बेनिक्स ने स्टेशन पर जाकर पूछताछ की। राजकुमार के अनुसार, “जब उसने अपने पिता के खिलाफ पुलिस की बर्बरता पर सवाल उठाया, तो पुलिसकर्मियों ने उसे उसके कॉलर से पकड़ लिया और उसे दीवार की ओर धकेल दिया। 

सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल सहित कम से कम पाँच पुलिसकर्मियों ने उसे हमारे सामने बुरी तरह से पीटा।” घटना के बाद तमिलनाडु के तमाम इलाकों में इसका काफी विरोध हुआ था और कुछ दिन बाद पूरे देश में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश था। सोशल मीडिया, खासकर ट्वीटर और फेसबुक पर पिता – पुत्र के नाम का हैशटैग भी ट्रेंड में रहा था।  

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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