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अब CBI करेगी ‘शीशमहल’ घोटाले की जाँच: कोरोना काल में अरविंद केजरीवाल के घर पर खर्च हुए थे करोड़ों, जाँच एजेंसी ने मँगाई फाइलें

CBI ने इस मामले में PWD से सभी संबंधित फाइलें माँगी हैं, जिसमें रेनोवेशन की लागत, ठेकेदार के नाम और रेनोवेशन के लिए किए गए काम की जानकारी शामिल है। सीबीआई इन फाइलों की जाँच के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास ‘शीशमहल’ के रेनोवेशन मामले में सीबीआई ने शुरुआती एफआईआर दर्ज कर ली है। सीबीआई ने इस मामले में दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से सभी संबंधित फाइलें माँगी हैं। सीबीआई ने इस मामले की जाँच शुरू कर दी है।

सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दिल्ली के भाजपा नेता टीना शर्मा की शिकायत के आधार पर दर्ज की है। शर्मा ने आरोप लगाया था कि केजरीवाल के आवास के रेनोवेशन में नियमों का उल्लंघन किया गया है और इसमें सरकारी धन का गबन किया गया है।

CBI ने इस मामले में PWD से सभी संबंधित फाइलें माँगी हैं, जिसमें रेनोवेशन की लागत, ठेकेदार के नाम और रेनोवेशन के लिए किए गए काम की जानकारी शामिल है। सीबीआई इन फाइलों की जाँच के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।

भाजपा ने बोला केजरीवाल पर हमला

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा है, ‘केजरीवाल के अवैध बंगले के मामलें में CBI ने केस दर्ज किया कोरोना के काल में दिल्ली की जनता के पैसों से गैर कानूनी शीशमहल बनाने का पाप केजरीवाल ने किया है, इस अपराध की सजा से केजरीवाल बच नहीं सकते।’

कैग जांच की हुई थी सिफारिश

इस मामले में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से जाँच के लिए केंद्र सरकार ने सिफारिश की थी। राजभवन की ओर से जाँच के आदेश की जानकारी दी गई थी। राजभवन की ओर से कहा गया था कि गृह मंत्रालय को 24 मई को एक पत्र मिलने के बाद स्पेशल कैग ऑडिट की सिफारिश की गई थी। यह पत्र एलजी ऑफिस की ओर से मिला था। जिसमें दावा किया गया था कि सीएम केजरीवाल के सरकारी बंगले के रेनोवेशन में वित्तीय गड़बड़ी पाई गईं। आम आदमी पार्टी और सीएम ऑफिस की ओर से कोई भी एक्शन नहीं लिया गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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