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‘गुजरात में किसके शासन में हुई बड़े पैमाने पर मुस्लिम विरोधी हिंसा?’: सवाल को लेकर विवाद, CBSE ने मानी गलती, होगी कार्रवाई

जिस सवाल को लेकर ये विवाद है, उसमें पूछा गया था, "2002 में गुजरात में काफी बड़े पैमाने पर मुस्लिम विरोधी हिंसा का प्रसार किस राजनीतिक दल के शासनकाल में हुई?"

12वीं कक्षा के एक सवाल को लेकर ‘केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE)’ ने सफाई दी है। ये सवाल पहले टर्म की परीक्षा में समाज शास्त्र विषय में पूछी गई थी। अब CBSE ने बुधवार (1 दिसंबर, 2021) को शाम 6:45 बजे सफाई देते हुए कहा है कि ये सवाल अनुचित था और क्वेश्चन पेपर्स को सेट करने वाले ‘एक्सटर्नल सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स’ के लिए जो आधिकारिक दिशानिर्देश तय किए गए हैं, उसका भी उल्लंघन है। CBSE ने अपनी गलती मानते हुए इसका संज्ञान लिया है।

CBSE की परीक्षा में इस सवाल पर हुआ बवाल

साथ ही संस्था ने आश्वस्त किया कि इसमें शामिल सभी दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिस सवाल को लेकर ये विवाद है, उसमें पूछा गया था, “2002 में गुजरात में काफी बड़े पैमाने पर मुस्लिम विरोधी हिंसा का प्रसार किस राजनीतिक दल के शासनकाल में हुई?” OMR शीट में जवाब के रूप में ये चार विकल्प दिए गए थे- “कॉन्ग्रेस, भाजपा, डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन”। बता दें कि 2002 में गुजरात में नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री थे और वहाँ भाजपा की सरकार थी।

गोधरा में 59 हिन्दुओं को ज़िंदा जलाए जाने के बाद हिन्दुओं और मुस्लिमों के बीच संघर्ष छिड़ गया था। तभी इसे इसका नाम लेकर नरेंद्र मोदी को बदनाम करने की कोशिश की जाती रही है। हालाँकि, इस मामले में न तो जाँच एजेंसियों को कुछ मिला और अदालत से भी उन्हें क्लीन चिट मिल गई। बता दें कि CBSE के पेपर्स में आजकल सिर्फ किताबें ही नहीं, बल्कि बच्चों की समझ और सोच का भी परीक्षण किया जाता है। इसी बीच में इस तरह का सवाल सामने आने से संस्था की फजीहत हुई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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