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कॉन्ग्रेस MLA रौशन बेग को हवाई जहाज से उतार कर लिया हिरासत में: ₹1500 करोड़ की हेराफेरी

राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार में मंत्री रह चुके रौशन बेग को एसआईटी ने तब हिरासत में लिया, जब वह केम्पेगौडा हवाई अड्डे पर फ्लाइट में बैठने जा रहे थे।

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस विधायक रौशन बेग को आईएमए पोंज़ी स्कीम से जुड़े मामले में एसआईटी ने हिरासत में ले लिया है। बेग को बंगलौर में हिरासत में लिया गया। राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार में मंत्री रह चुके रौशन बेग बंगलौर के ही शिवाजीनगर क्षेत्र से विधायक हैं। उन्हें एसआईटी ने तब हिरासत में लिया, जब वह केम्पेगौडा हवाई अड्डे पर फ्लाइट में बैठने जा रहे थे। एसआईटी के जाँच अधिकारी व डीसीपी गिरीश ने कहा कि फ़िलहाल उन्हें हिरासत में लिया गया है और जल्द ही एसआईटी के सामने पेश किया जाएगा।

वहीं इस पूरे मामले पर आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने दावा किया कि रौशन बेग को मुंबई भगाने में कर्णाटक भाजपा के अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा का सहयोगी संतोष उनकी मदद कर रहा था। कुमारस्वामी ने दावा किया कि संतोष भागने में सफल रहा लेकिन एसआईटी ने बेग को हिरासत में ले लिया। सीएम कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक योगेश्वर भी कार्रवाई के वक़्त वहीं पर मौजूद थे।

कुमारस्वामी ने ट्वीट कर लिखा कि रौशन बेग चार्टर्ड फ्लाइट में येदियुरप्पा के सहयोगी संतोष के साथ मुंबई जाने की फ़िराक़ में थे, तभी एसआईटी उन्हें हिरासत में लेने में कामयाब रही। उन्होंने भाजपा विधायक योगेश्वर की मौजूदगी पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि यह सब राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए भाजपा द्वारा किए जा रहे हॉर्स ट्रेडिंग का हिस्सा है। हालाँकि, कर्णाटक भाजपा ने कुमारस्वामी पर फेक न्यूज़ फैलाने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। भाजपा ने कहा कि उस फ्लाइट में बेग अकेले थे, कोई दूसरा यात्री नहीं था।

भाजपा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने अब कॉन्ग्रेस-जेडीएस सरकार को बचाने के लिए सरकारी मशीनरी का प्रयोग करना शुरू कर दिया है। बेग को 19 जुलाई तक एसआईटी के समक्ष पेश होने का समय दिया गया था। भाजपा ने कहा कि यह दिखाता है कि राज्य सरकार आप अपने ही विधायकों को ब्लैकमेल कर रही है।

रौशन बेग 7 बार विधायक रह चुके हैं और वह कॉन्ग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार में मंत्रीपद न मिलने से नाराज़ चल रहे थे। हाल ही में उन्हें कॉन्ग्रेस ने पार्टी से निलंबित कर दिया था। बेग को राज्य में मुस्लिमों का चेहरा माना जाता है। आईएमए स्कैंडल लगभग 1500 करोड़ रुपए का हो चुका है और 40,000 से भी अधिक लोग इस मामले में शिकायत दर्ज करा चुके हैं। मामले का मुख्य आरोपित मंसूर ख़ान अभी भी फरार है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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