Wednesday, April 21, 2021
Home देश-समाज केरल में विकराल होती नई समस्या: आत्महत्याओं का सिलसिला जारी, कोरोना ने 1 तो...

केरल में विकराल होती नई समस्या: आत्महत्याओं का सिलसिला जारी, कोरोना ने 1 तो शराबबंदी ने लिए 9 जान

शुक्रवार को त्रिशूर के सनोज और कोच्चि के मुरली ने शराब न मिलने से पैदा हुए अवसाद के कारण आत्महत्या कर ली थी। दारू न मिलने के कारण प्रदेश में शुरू हुआ आत्महत्याओं का दौर इन्हीं दो दुर्भाग्यपूर्ण मौतों के साथ शुरू हुआ। जिसके बाद शनिवार को कन्नूर के विजिल, कोल्लम के बीजू और सुरेश तथा कोच्चि के वासु के सुसाइड की खबर आई। जबकि तिरुवनंतपुरम के कृष्णनन कुट्टी ने रविवार को आत्महत्या कर ली।

कोरोना महामारी के चलते 21 दिनों के घोषित देशव्यापी लॉकडाउन ने केरल में एक दूसरी ही त्रासदी को जन्म दे दिया है, जहाँ शराब की दुकानें बंद होने के कारण होतीं आत्महत्याओं का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा। केरल में अब तक कोरोना संक्रमण के चलते जहाँ सिर्फ एक मौत हुई है वहीं शराब न मिलने के कारण नौ लोगों की जानें जा चुकीं हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन नौ में से सात लोगों ने जहाँ आत्महत्या की है, तो एक-एक जान क्रमशः कार्डियक अरेस्ट और आफ्टर शेव लोशन पीने के कारण गई है। केरल में अब तक 234 COVID-19 केसेस में से सिर्फ एक की मौत हुई है। लेकिन हर तरह की शराब की दुकानों, बार, होटल्स, देशी दारु की दुकानों आदि को बंद किए जाने से राज्य एक अलग ही संकट में फँसता दिख रहा है। केरल में प्रति व्यक्ति अल्कोहल की खपत देश में सबसे ज्यादा है।

शुक्रवार को त्रिशूर के सनोज और कोच्चि के मुरली ने शराब न मिलने से पैदा हुए अवसाद के कारण आत्महत्या कर ली थी। दारू न मिलने के कारण प्रदेश में शुरू हुआ आत्महत्याओं का दौर इन्हीं दो दुर्भाग्यपूर्ण मौतों के साथ शुरू हुआ। जिसके बाद शनिवार को कन्नूर के विजिल, कोल्लम के बीजू और सुरेश तथा कोच्चि के वासु के सुसाइड की खबर आई। जबकि तिरुवनंतपुरम के कृष्णनन कुट्टी ने रविवार को आत्महत्या कर ली।

शराब बंदी की जाए या नहीं, इस पर हफ्तों तक पशोपेश में रहने के बाद केरल की वामपंथी सरकार ने पिछले हफ्ते ही बार और राज्य सरकार से लाइसेंस प्राप्त शराब की दुकानों को बंद किया था। जिसके बाद राज्य के अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा पर, जो कि पहले से ही कोरोना संक्रमण के चलते दबाव में है- आजकल शराब के लती लोगों में, शराब न मिल पाने के कारण आई मानसिक समस्याओं से भी जूझ रही है।

जिसके कारण पी.विजयन सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कई गाइडलाइन्स जारी की हैं। जिनके अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को कहा गया है कि वे इस तरह शराब की लत से संबंधित अवसाद के ज्यादातर मामलों को देखें जिससे बड़े अस्पतालों में इनके कारण बोझ न बढ़े। इसके साथ-साथ राज्य के मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की नोडल अधिकारी किरण पी.एस ने बताया कि प्रत्येक जिला अस्पताल में 10-20 बेड शराब की लत छुड़वाने के लिए आए मरीजों के लिए तैयार रखने होंगे।

इसके अलावा पी विजयन ने शनिवार को यह भी कहा है कि शराब के आदी लोगों को डॉक्टर के पर्चे पर सरकार दारू उपलब्ध करवाएगी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

देश के 3 सबसे बड़े डॉक्टर की 35 बातें: कोरोना में Remdesivir रामबाण नहीं, अस्पताल एक विकल्प… एकमात्र नहीं

देश में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। 2.95 लाख नए मामले सामने आने के बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़ कर...

‘गैर मुस्लिम नहीं कर सकते अल्लाह शब्द का इस्तेमाल, किसी अन्य ईश्वर से तुलना गुनाह’: इस्लामी संस्था ने कहा- फतवे के हिसाब से चलें

मलेशिया की एक इस्लामी संस्था ने कहा है कि 'अल्लाह' एक बेहद ही पवित्र शब्द है और इसका इस्तेमाल सिर्फ इस्लाम के लिए और मुस्लिमों द्वारा ही होना चाहिए।

आज वैक्सीन का शोर, फरवरी में था बेकारः कोरोना टीके पर छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेसी सरकार ने ही रचा प्रोपेगेंडा

आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री इस बात से नाखुश हैं कि पीएम ने राज्यों को कोरोना वैक्सीन देने की बात नहीं की। लेकिन, फरवरी में वही इसके असर पर सवाल उठा रहे थे।

पंजाब के 1650 गाँव से आएँगे 20000 ‘किसान’, दिल्ली पहुँच करेंगे प्रदर्शनः कोरोना की लहर के बीच एक और तमाशा

संयुक्त किसान मोर्चा ने 'फिर दिल्ली चलो' का नारा दिया है। किसान नेताओं ने कहा कि इस बार अधिकतर प्रदर्शनकारी महिलाएँ होंगी।

हम 1 साल में कितने तैयार हुए? सरकारों की नाकामी के बाद आखिर किस अवतार की बाट जोह रहे हम?

मुफ्त वाई-फाई, मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी से आगे लोगों को सोचने लायक ही नहीं छोड़ती समाजवाद। सरकार के भरोसे हाथ बाँध कर...

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

प्रचलित ख़बरें

रेप में नाकाम रहने पर शकील ने बेटी को कर दिया गंजा, जैसे ही बीवी पढ़ने लगती नमाज शुरू कर देता था गंदी हरकतें

मेरठ पुलिस ने शकील को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी ही बेटी ने रेप करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

‘सुअर के बच्चे BJP, सुअर के बच्चे CISF’: TMC नेता फिरहाद हाकिम ने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, Video वायरल

TMC नेता फिरहाद हाकिम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वह बीजेपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 'सुअर' बता रहे हैं।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

रवीश और बरखा की लाश पत्रकारिताः निशाने पर धर्म और श्मशान, ‘सर तन से जुदा’ रैलियाँ और कब्रिस्तान नदारद

अचानक लग रहा है जैसे पत्रकारों को लाश से प्यार हो गया है। बरखा दत्त श्मशान में बैठकर रिपोर्टिंग कर रही हैं। रवीश कुमार लखनऊ को लाशनऊ बता रहे हैं।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,653FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe