Sunday, September 26, 2021
Homeदेश-समाजपश्चिम बंगाल की वो मस्जिद जहाँ सैकड़ों लोगों ने अदा की जुमे की नमाज,...

पश्चिम बंगाल की वो मस्जिद जहाँ सैकड़ों लोगों ने अदा की जुमे की नमाज, फिर पुलिस के सामने ‘शान’ से निकले

मुर्शिदाबाद में जुमे की नमाज अदा करने के लिए इकट्ठा हुए लोगों ने ना सिर्फ लॉकडाउन का उल्लंघन किया बल्कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की भी जमकर धज्जियाँ उड़ाईं।

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज में भीड़ जुटने की घटना को लेकर मचा बवाल अभी थमा भी नहीं है कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में ऐसी ही दूसरी घटना सामने आ गई है। शुक्रवार (अप्रैल 10, 2020) को मुर्शिदाबाद में सैकड़ों की संख्या में लोग मस्जिद में एकजुट हुए और नमाज अदा की। इस दौरान लोगों ने न मास्क पहन रखा था और न ही हाथ में ग्लव्स पहना था। 

इतना ही नहीं, वीडियो में आप देख सकते हैं कि मुर्शिदाबाद में जुमे की नमाज अदा करने के लिए इकट्ठा हुए लोग ना सिर्फ लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की भी जमकर धज्जियाँ उड़ा रहे हैं।

तमिलनाडु में तबलीगी जमात के मदरसे पर छापा, 5 देशों के मौलवी बरामद

भागलपुर में शब-ए-बारात पर पुलिस बनी निशाना: कब्रिस्तान के पास इकट्ठा होने से रोका तो पथराव, फायरिंग

बता दें कि पश्चिम बंगाल का मुर्शिदाबाद अल्पसंख्यक बहुल जिला है। यहाँ की गोपीपुर मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करने के लिए शुक्रवार को अल्पसंख्यक समुदाय के लोग काफी संख्या में जमा हुए। जब इसकी जानकारी पुलिस को मिली, तो वो फौरन मौके पर पहुँचे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मस्जिदों से बाहर निकलते दिखे। इसके बाद पुलिस ने मौलाना को बुलाया और लोगों से घरों में रह कर ही नमाज पढ़ने की अपील करने के लिए कहा।

अब यहाँ पर सवाल यह उठता है कि शुक्रवार को लॉकडाउन के 17 दिन हो गए, 4 दिन शेष रह गए, तो फिर अब तक प्रशासन की तरफ से यह अपील क्यों नहीं की गई? और अपील अगर की गई तो भीड़ जुटने वाली मस्जिदों के पास प्रशासन ने ज्यादा सख्ती क्यों नहीं बरती?

पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन है, लोगों के घरों से निकलने पर बैन है। देश के सारे धर्मस्थल बंद हैं। लेकिन कुछ लोग मजहब के नाम पर सरेआम लॉकडाउन की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। तो क्या मजहब लॉकडाउन तोड़ने का लाइसेंस देता है? क्या कोई मजहब किसी की जान से खिलवाड़ करने का लाइसेंस देता है? क्योंकि ऐसा करने ये लोग ना सिर्फ अपनी बल्कि दूसरों की जान को भी खतरे में डाल रहे हैं। आखिर पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन के नियमों से खिलवाड़ क्यों?

मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा तीर्थ स्थान मक्का-मदीना है। कोरोना के संकट काल में मक्का-मदीना तक बंद है, लेकिन भारत में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग ये मानने को तैयार नहीं हैं कि कोरोना से उन्हें कोई खतरा है। इससे पहले दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज के जलसे में काफी संख्या में लोगों के जुटने और उनके कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की घटना ने हड़कंप मचा दिया था।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लड़कियों के कपड़े कैंची से काटे, राखी-गहने-चप्पल सब उतरवाए: राजस्थान में कुछ इस तरह हो रही REET की परीक्षा, रोते रहे अभ्यर्थी

राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (REET 2021) की परीक्षा के दौरान सेंटरों पर लड़कियों के फुल बाजू के कपड़ों को कैंची से काट डालने का मामला सामने आया है।

11वीं से 14वीं शताब्दी की 157 मूर्तियाँ-कलाकृतियाँ, चोर ले गए थे अमेरिका… PM मोदी वापस लेकर लौटे

अमेरिका द्वारा भारत को सौंपी गई कलाकृतियों में सांस्कृतिक पुरावशेष, हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म से संबंधित मूर्तियाँ शामिल हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
124,458FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe