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बेसहारा गायों को पकड़ गोकशी, फिर डेयरी की आड़ में करते थे गोमांस की तस्करी: दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ में शाहजहाँ को साथी सहित दबोचा

दोनों आरोपी बेसहारा गायों को पकड़ कर लाते और बेहोशी का इंजेक्शन देने के बाद काट देते थे। शाहजहाँ साल 2015 में भी दिल्ली के अलीपुर थाने से गौकशी मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।

दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में दिल्ली पुलिस से हुई एक मुठभेड़ के दौरान 2 गौहत्यारों को दबोच लिया गया है। 17-18 दिसम्बर की रात में हुई मुठभेड़ में एक आरोपित शाहजहाँ के पैर में गोली लगी है, जबकि भागते हुए दूसरे आरोपित को पुलिस ने दबोच लिया। इन आरोपियों के पास से आधे दर्जन जीवित गौवंश बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपी आवारा गोवंश को पकड़कर हत्या करने के बाद उसे बेचते थे। मुठभेड़ हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने इस अभियान को ऑपरेशन लंगड़ा नाम दिया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपितों के पास से बेहोशी के इंजेक्शन, गौकशी के औजार, एक पिस्टल, 2 जिंदा और 2 खाली कारतूस बरामद किए गए हैं। ललित मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत का और शाहजहाँ मूलतः बिहार के दरभंगा का रहने वाला बताया जा रहा है।

DCP बिजेन्द्र कुमार यादव के मुताबिक, “पुलिस को रोहिणी सेक्टर 35 के जंगलों में पशुओं के अवैध कटान की सूचना मिली थी। जानकारी ये भी आई कि आरोपितों के पास हथियार भी हो सकते हैं। ऐसे में पुलिस की स्पेशल टीम ने घेराबंदी शुरू कर दी। सूचना सही पाई गई और घटनास्थल पर गाय और बछड़े बेहोशी की हालत में मिले। पुलिस ने जब आरोपितों को पकड़ने का प्रयास किया, तब उन्होंने पुलिस पर गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं। आत्मरक्षा में पुलिस की तरफ से भी गोली चली, जो आरोपित शाहजहाँ के पैर में जा कर लगी।

घायल शाहजहाँ को अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहाँ उसे इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। वह लगभग 20 साल से दिल्ली के नरेला में रह रहा है। 8 साल पहले उसने गौकशी के काम को अंजाम देने के लिए डेयरी खोली थी। इसी के साथ उसने बेगमपुर के ललित को भी अपने साथ मिला लिया था। ललित भी पहले डेयरी के काम में था। फिर दोनों बेसहारा गायों को सड़क से उठाकर काटने का काम करने लगे। काटने से पहले वो गायों को बेहोशी का इंजेक्शन दिया करते थे। इसके बाद वो उन्हें वाहन में लाद कर सुनसान इलाकों में ले जाकर काट देते थे। शाहजहाँ साल 2015 में भी दिल्ली के अलीपुर थाने से गौकशी मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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