Homeदेश-समाजक्रिकेटर हार्दिक पांड्या की ₹5 करोड़ की दो लग्जरी घड़ियों को कस्टम विभाग ने...

क्रिकेटर हार्दिक पांड्या की ₹5 करोड़ की दो लग्जरी घड़ियों को कस्टम विभाग ने किया जब्त, कहाँ से आया नहीं दे सके जवाब

साल 2019 में जब पांड्या चोटिल हो गए थे और उनकी सर्जरी हुई थी, तब उन्होंने एक चमकदार घड़ी पहने हुए अस्पताल के बिस्तर वाली अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। सोशल मीडिया यूजर्स ने उस दौरान दावा किया था कि यह घड़ी Patek Philippe Nautilus की है।

टी-20 विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट टीम स्वदेश लौट चुकी है। इसी बीच खबर है कि कस्टम विभाग ने रविवार (14 नवंबर) देर रात क्रिकेटर हार्दिक पांड्या की 5 करोड़ की 2 लक्जरी घड़ियों को जब्त कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड से शर्मनाक हार के बाद आईसीसी टूर्नामेंट से बाहर होकर भारतीय क्रिकेट टीम कल देर रात स्वदेश लौटी। एयरपोर्ट पर पहुँचने के बाद कस्टम विभाग के अधिकारियों ने हार्दिक पांड्या को रोक लिया और उनकी 5 करोड़ रुपए की दो लक्जरी घड़ियों को जब्त कर लिया। बताया जा रहा है कि हार्दिक पांड्या के पास इस घड़ी के इनवॉइस नहीं थे और न ही इन घड़ियों को उन्होंने डिक्लेयर किया था।

लग्जरी लाइफ जीने वाले ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने इससे पहले अगस्त में इंस्टाग्राम पर अपनी कई तस्वीरें एक साथ पोस्ट की थीं। क्रिकेटर ने अपनी कैप और धूप के चश्मे के साथ ली गई तस्वीरों के साथ Patek Philippe Nautilus Platinum 5711 की लग्जरी घड़ी की तस्वीर भी साझा की थी। इस घड़ी में पन्ना मढ़ा हुआ था। इस घड़ी की कीमत 5 करोड़ रुपए से अधिक है।

GQ India के अनुसार, महँगी घड़ियों के शौकीन पांड्या अपनी बेहद महँगी घड़ियों की कलेक्शन के कारण अभिनेता-कॉमेडियन केविन हार्ट और रैपर ड्रेक जैसी मशहूर हस्तियों के क्लब में शामिल हो गए हैं। यह पहली बार नहीं था, जब ऑलराउंडर का लग्जरी घड़ियों का शौक सबके सामने आया। साल 2019 में जब पांड्या चोटिल हो गए थे और उनकी सर्जरी हुई थी, तब उन्होंने एक चमकदार घड़ी पहने हुए अस्पताल के बिस्तर वाली अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। सोशल मीडिया यूजर्स ने उस दौरान दावा किया था कि यह घड़ी Patek Philippe Nautilus की है।
Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

वामपंथियों से कांग्रेस का पुराना ‘लप्रेक’: अपनों को किनारे कर लेफ्ट के पीछे भागने की आदत क्यों नहीं छूटती?

NSUI को छोड़कर AISA के चेहरों को मंच देना कोई इत्तेफ़ाक नहीं है। सरदार पटेल से लेकर हिमंत बिस्वा सरमा तक... कांग्रेस ने हमेशा अपने मजबूत नेताओं को किनारे कर वामपंथियों को गले क्यों लगाया?

मुफ्त इलाज का ढकोसला और महँगे मेडिकल बिल: कहाँ खर्च हो रहा है आम आदमी का पैसा?

सरकार ने उन दवाओं को इस प्राइस कंट्रोल से बाहर रखा है जिन्हें कंपनियाँ 'पेशेंट असिस्टेंस प्रोग्राम' (PAPs) के तहत भारी छूट पर देती हैं।
- विज्ञापन -