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दलित युवक की हत्या: फतेहपुर में चाचा ने ही कुल्हाड़ी से काट डाला सिर, पत्नी के साथ अवैध सम्बन्ध का था शक

चाचा को शक था कि प्रदीप का उसकी पत्नी के साथ अवैध सम्बन्ध है। कई ग्रामीण पिछले 6 महीनों से उसे ये कह कर ताना देते थे कि प्रदीप उसकी पत्नी के साथ ग़लत हरकत करता है, जिससे उसे शर्मिंदगी महसूस होती थी।

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में रविवार (मई 17, 2020) को तब खलबली मच गई थी, जब एक दलित युवक की सिर कटी लाश मिली। अब पता चला है कि उसके चाचा ने ही अपने दो साथियों की मदद से कुल्हाड़ी से उसकी हत्या कर दी थी।

उक्त युवक का नाम प्रदीप है, जो खेत में बोई हरी सब्जियों की रखवाली करता था। एसपी प्रशांत वर्मा ने ख़ुद घटनास्थल पर पहुँच कर जायजा लिया था। वहाँ से एक मोबाइल फोन और शराब की बोतल बरामद हुई थी।

दरअसल, चाचा को शक था कि प्रदीप का उसकी पत्नी के साथ अवैध सम्बन्ध है। ‘दैनिक जागरण’ में मंगलवार को प्रकाशित ख़बर के अनुसार, कई ग्रामीण पिछले 6 महीनों से उसे ये कह कर ताना देते थे कि प्रदीप उसकी पत्नी के साथ ग़लत हरकत करता है, जिससे उसे शर्मिंदगी महसूस होती थी।

ये घटना फतेहपुर स्थित मालवा थाना क्षेत्र के चक्की गाँव की है। प्रदीप स्नातक का छात्र था और उसके पिता धनीराम पासवान शिक्षक हैं।

प्रदीप उर्फ़ बनता की हत्या रविवार को खेत में स्थित एक झंडी में की गई थी। पिता ने संदेह जताया था कि उसके पारिवारिक भाई राजोल पासवान ने ही इस अपराध को अंजाम दिया है। फतेहपुर पुलिस ने उसे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सब उगल दिया।

कुल्हाड़ी को बरामद कर तीन आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। 5 महीने पहले राजोल का अपनी पत्नी के साथ झगड़ा हुआ था, जिसके बाद वो मायके चली गई थी। तब से वो अब तक लौटी नहीं थी।

कुछ दिनों पहले रजोल के साथी संजय और प्रदीप में कहासुनी भी हुई थी। उस वक़्त दोनों ने एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दी थी। प्रदीप के पिता आगरा के चौरंगाहार स्थित सार्वजनिक अन्तर कॉलेज में पदस्थापित हैं।

22 वर्षीय प्रदीप फतेहपुर शहर के शांतिनगर स्थित ठाकुर युगराज प्रताप महाविद्यालय का छात्र था। ग्रामीणों ने पहले शक जताया था कि जुआ खेलने के क्रम में हत्या की गई हो सकती है। वो खेत में बोई, तरोई, लौकी, भिंडी, ककड़ी और खीरा के फसल की रखवाली करता था।

दैनिक जागरण के फतेहपुर संस्करण में प्रकाशित ख़बर

‘अमर उजाला’ के अनुसार, हत्या के बाद सभी आरोपित घूम-घूम कर अफ़सोस भी जाहिर कर रहे थे। प्रदीप के पिता ने कुछ दिनों पूर्व ही ढाई बीघे की खेत खरीदी थी। विवेक सिंह गौतम से ये खरीददारी हई थी लेकिन सबकुछ प्रक्रिया के तहत शांतिपूर्ण ढंग से हुआ था, कभी कोई विवाद जन्मा ही नहीं।

प्रदीप की माँ सुखरानी देवी अभी तक सदमे में है। पुलिस ने मृतक के मोबाइल फोन को भी सर्विलांस पर लगा कर जाँच की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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