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बचपन में पहुँच गया था गाँव से 1,700 किमी दूर, एक वीडियो कॉल से 13 साल बाद घर लौटा झारखंड का एक युवक

दीपक देहरी बीकानेर के एक बाल गृह में रहने लगा। वहाँ उसने अपने जीवन के 13 साल बिताए। अक्सर दीपक अपने घर को याद करता था लेकिन वह अपने घर के बारे में पुख्ता जानकारी नहीं दे पाता था। दीपक के 18 वर्ष के होने के बाद....

अपने घर से 1700 किमी दूर रह रहा एक युवक 13 सालों बाद अपने घर लौट सका और वो भी एक वीडियो कॉल की मदद से। हम बात कर रहे हैं झारखंड के रहने वाले 18 वर्षीय दीपक देहरी की जो 5 साल की उम्र में अपने घर से अलग हो गया था।

झारखंड के रानीश्वर थाना क्षेत्र बोड़ाबथान गाँव के रहने वाले दीपक के पिता गोकुल देहरी की मृत्यु तब हो गई थी जब दीपक मात्र पाँच साल का था। पिता की मौत के बाद दीपक मसानजोर थाना क्षेत्र के धावाडंगाल में रहने लगा। इसके बाद दीपक की माँ ने उसे छोड़ दिया और और दूसरी शादी कर ली। कुछ दिनों के बाद दीपक अपनी मौसी के साथ उत्तर प्रदेश के हरदोई में रहने लगा।

मसानजोर थाना प्रभारी चंद्रशेखर चौबे ने बताया कि घर की याद आने पर दीपक देहरी बिना बताए अपनी मौसी के घर से निकल गया। उसे अपने घर जाना था लेकिन वह जानकारी के अभाव में एक दूसरी ट्रेन में बैठ गया और बीकानेर पहुँच गया।

इसके बाद दीपक देहरी बीकानेर के एक बाल गृह में रहने लगा। वहाँ उसने अपने जीवन के 13 साल बिताए। अक्सर दीपक अपने घर को याद करता था लेकिन वह अपने घर के बारे में पुख्ता जानकारी नहीं दे पाता था। दीपक के 18 वर्ष के होने के बाद बाल गृह के इंचार्ज अरविन्द ने मसानजोर थाना प्रभारी चंद्रशेखर चौबे से संपर्क किया।

थाना प्रभारी चौबे ने दीपक के बताए गए स्थानों के विवरण के अनुसार वीडियो कॉल के माध्यम से उसे वो स्थान दिखाए। दीपक तुरंत ही मसानजोर बाँध और उसके आसपास के इलाके को पहचान लिया जहाँ उसके सगे-संबंधी रहा करते थे। दीपक के मामा ने भी उसे पहचान लिया।

बीकानेर से साथ आए दो पुलिसकर्मियों ने थाना प्रभारी चौबे और अन्य पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में दीपक को उसके परिजनों को सौंप दिया। दीपक अब गाँव में रहकर ही अपने लोगों के बीच अपनी आजीविका चलाना चाहता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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