Tuesday, May 11, 2021
Home देश-समाज दिल्ली दंगों पर आ गई ऑपइंडिया की विस्तृत रिपोर्ट: हिन्दुओं को दोषी साबित करने...

दिल्ली दंगों पर आ गई ऑपइंडिया की विस्तृत रिपोर्ट: हिन्दुओं को दोषी साबित करने के प्रयासों की पोल-खोल

दिल्ली हिन्दू-विरोधी दंगों पर ऑपइंडिया की रिपोर्ट अब खरीदने के लिए उपलब्ध। इसे अमेज़न के किंडल से मात्र 101 रुपए में खरीद कर पढ़ सकते हैं। ऑपइंडिया की रिपोर्ट से जीतने भी रुपए आएँगे, उसका 20% हिस्सा Nimittekam नामक संस्था को जाएगा। ये संस्था पाकिस्तान के पीड़ित हिंदुओं और सिखों की मदद करती है।

दिल्ली में फ़रवरी 2020 के अंतिम हफ़्तों में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों पर ऑपइंडिया की रिपोर्ट अब खरीदने के लिए उपलब्ध है। इसे अमेज़न के किंडल पर उपलब्ध कराया गया है, जहाँ आप इसे मात्र 101 रुपए में खरीद कर पढ़ सकते हैं। दिल्ली में हुए जिन दंगों में जानमाल की भारी क्षति हुई और हिन्दुओं को निशाना बनाया गया, ऑपइंडिया की इस रिपोर्ट में उस समय हुए पूरे घटनाक्रम का विस्तृत विवरण है।

हालाँकि, लिबरल गैंग द्वारा पूरा प्रयास किया गया कि इन दंगों के लिए हिन्दुओं को अपराधी दिखा कर पेश किया जाए, असली इस्लामी कट्टरवादी दंगाइयों को बचाया जाए और मजहब के लोगों को पीड़ित घोषित किया जाए। लेकिन, पुलिस की चार्जशीट और हमारे ग्राउंड रिपोर्ट्स ने सच्चाई को सामने ला दिया। हालाँकि, मेनस्ट्रीम मीडिया इसे केंद्र सरकार द्वारा ‘समुदाय विशेष के माँगों की अनदेखी’ का परिणाम बता कर पेश करता रहा है।

ऑपइंडिया ने इन दंगों की ग्राउंड रिपोर्टिंग की थी, इसीलिए हमें इसका भान था कि मेनस्ट्रीम मीडिया और लिबरल गैंग इसे जिस तरीके से पेश कर रहा है, उसमें तनिक भी सच्चाई नहीं है। साथ ही हम ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सच्चाई लेकर जाने के लिए भी बेचैन थे। फ़रवरी में क्या हुआ था और इन दंगों की साजिश कैसे काफी व्यवस्थित तरीके से रची गई, हमने अपनी रिपोर्ट में इसे पूरे विवरण के साथ बताया है।

असल में हमारा ये मानना है कि दिसंबर 2019 से ही इन दंगों की तैयारी शुरू हो गई थी और सीएए विरोध के नाम पर हिंसा का दौर प्रारम्भ कर दिया गया था। सच्चाई भी यही सामने आई है कि फ़रवरी के अंतिम हफ्ते में जो भी हुआ, वो उससे पहले के 4 महीनों में हुई घटनाओं का ही प्रतिफल था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दौरे के समय अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचने और भारत को बदनाम करने के लिए ये सब किया गया।

इस रिपोर्ट को पढ़ने के बाद आपको पता चलेगा कि दिल्ली में हुए दंगों में हिन्दू दोषी नहीं थे जैसा कि प्रचारित करने का प्रयास किया गया, बल्कि, दंगाइयों के मन में हिन्दूघृणा किस कदर समाई हुई थी, इसके कई उदाहरण आपको मिल जाएँगे। सीएए विरोधी किस कदर हिन्दूफोबिया से ग्रसित थे, जो बाद में इन हिंसा का कारण बनी, उसकी सच्चाई ही आपको ऑपइंडिया की दिल्ली दंगों की रिपोर्ट में मिलेगी।

दंगे भले ही दिल्ली में हुए लेकिन सीएए विरोध के नाम पर हिन्दूघृणा और हिंसा का खेल तो पूरे देश में कई इलाक़ों में कई महीनों से चल रहा था और हमारी रिपोर्ट के अंत में आपको उन सभी घटनाओं का विवरण मिलेगा कि कैसे विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिन्दूघृणा को अंजाम दिया गया। दिसम्बर 2019 और जनवरी 2020 में हुए प्रदर्शनों और हिंसा की घटनाओं का विवरण भी आपको इसमें मिलेगा।

हालाँकि, हमारी रिपोर्ट में हम ऐसा दावा नहीं कर रहे कि हमने इन महीनों में ऐसी एक-एक घटनाओं का विवरण इसमें डाला है लेकिन हाँ, हम ये ज़रूर कह सकते हैं कि हमने दिल्ली दंगों को प्रभावित करने वाली ऐसी कई घटनाओं को समेटने का प्रयास किया है और आप तक उसे पहुँचाने में पूरी मेहनत की है। इन 3-4 महीनों में क्या कुछ हुआ, उसे आप इस रिपोर्ट को पढ़ने के बाद आसानी से समझ पाएँगे।

हमारा जोर इस बात पर भी है किस-किस तरह राजनेताओं, गैर-सरकारी संगठनों, और सिविल सोसाइटी के लोगों ने इस्लामी कट्टरवादियों के साथ मिल कर देश में आतंक फैलाने की साजिश रची और दिल्ली में उसे अंजाम दिया। शाहीन बाग के उपद्रवियों को महान बनाने की कोशिश हो या वामपंथी संगठनों द्वारा इन दंगों को भड़काने के लिए कट्टरवादियों के साथ हाथ मिलाना, हमने इन सभी की पोल खोलने की कोशिश की है।

सबसे ज्यादा जरूरी चीज आपको ये जानने के लिए मिलेगी कि पूरे देश भर में किस तरह हिन्दू-विरोधी इस्लामी कट्टरपंथियों ने आतंक फैलाने की साजिश रची, प्रयास किया और दिल्ली में उसका दुष्परिणाम हमें देखने को मिला। हमारा प्रयास ये है कि प्रोपेगंडा की आड़ मे सच्चाई न छिपे और इसीलिए ये रिपोर्ट हम आपके सामने लेकर आए हैं। हमें आशा है कि आपको हमारी ये रिपोर्ट पसंद आएगी।

अंत में एक और जरूरी बात बतानी जरूरी है। हमें दिल्ली दंगों पर ऑपइंडिया की रिपोर्ट से जितने भी रुपए आएँगे, उसका 20% हिस्सा Nimittekam नामक संस्था को जाएगा। ये संस्था पाकिस्तान के पीड़ित हिंदुओं और सिखों की मदद करती है। आप इस लिंक पर क्लिक कर के हमारी इस रिपोर्ट का किन्डल वर्जन खरीद कर उसे पढ़ सकते हैं। हाँ, आप अपनी समीक्षा से हमें जरूर अवगत कराएँ।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

टिकरी बॉर्डर पर किसानों के टेंट में गैंगरेप: पीड़िता से योगेंद्र यादव की पत्नी ने भी की थी बात, हरियाणा जबरन ले जाने की...

1 मई को पीड़िता के पिता भी योगेंद्र यादव से मिले थे। बताया कि ये सब सिर्फ कोविड के कारण नहीं हुआ है। फिर भी चुप क्यों रहे यादव?

‘इस्लाम को रियायतों से आज खतरे में फ्रांस’: सैनिकों ने राष्ट्रपति को गृहयुद्ध के खतरे से किया आगाह

फ्रांसीसी सैनिकों के एक समूह ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को खुला पत्र लिखा है। इस्लाम की वजह से फ्रांस में पैदा हुए खतरों को लेकर चेताया है।

टिकरी बॉर्डर पर गैंगरेप: ‘क्रांति’ की जगह किसान आंदोलन से ‘अपराध’ की डिलिवरी, आगे क्या…

कथित आंदोलन अब किस अपराध की खोज में निकलेगा, इसका उत्तर शायद टिकरी बॉर्डर पर रुके समय के पास है।

उद्धव ठाकरे का कार्टून ट्विटर को नहीं भाया, ‘बेस्ट CM’ के लिए कार्टूनिस्ट को भेजा नोटिस

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे का कार्टून बनाने के लिए ट्विटर ने एक कार्टूनिस्ट को नोटिस भेजा है। जानिए, पूरा मामला।

‘नहीं हुई चुनाव बाद बंगाल में हिंसा’: कलकत्ता HC को ममता सरकार ने दिया जवाब, 18 मई को होगी अगली सुनवाई

कलकत्ता हाईकोर्ट में राज्य की ओर से जवाब देते हुए महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने कहा कि उनकी रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 09 मई के बाद से कोई चुनाव बाद हिंसा नहीं हुई है।

बंगाल में BJP के सभी 77 MLA को केंद्र सरकार की ओर से सुरक्षा, हार गए प्रत्याशियों को भी महीने भर सिक्यॉरिटी

पश्चिम बंगाल में हिंसा की स्थिति को देखते हुए केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के सभी BJP विधायकों को केन्द्रीय सुरक्षा देने का निर्णय लिया।

प्रचलित ख़बरें

योगेंद्र यादव को पता था कि ‘किसानों’ के टेंट में हुआ है गैंगरेप, AAP के दो नेता भी आरोपित: टिकरी बॉर्डर पर हुई थी...

दैनिक भास्कर के मुताबिक योगेंद्र यादव को इस घटना के बारे में पता था, लेकिन उन्होंने पुलिस को जानकारी नहीं दी।

फराह खान ने खुलेआम की मोदी समर्थकों की मौत की कामना- माँगी दुआ, पहले भी कर चुकी हैं RSS की ISIS से तुलना

"मैं दुआ करती हूँ कि तुम्हारा कोई परिजन मरे ताकि तुम्हें वो गुस्सा महसूस हो जो कुप्रबंधन और सत्ता की भूखे एजेंडे के कारण अपनों को न बचा पाने की वजह से पैदा होता है।"

हिंदू त्योहार ‘पाप’, हमारी गलियों से नहीं निकलने दें जुलूस: मुस्लिम बहुल इलाके की याचिका, मद्रास HC का सॉलिड जवाब

मद्रास हाई कोर्ट ने धार्मिक असहिष्णुता को देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के लिए खतरनाक बताया। कोर्ट ने कहा कि त्योहारों के आयोजन...

मुस्लिम वैज्ञानिक ‘मेजर जनरल पृथ्वीराज’ और PM वाजपेयी ने रचा था इतिहास, सोनिया ने दी थी संयम की सलाह

...उसके बाद कई देशों ने प्रतिबन्ध लगाए। लेकिन वाजपेयी झुके नहीं और यही कारण है कि देश आज सुपर-पावर बनने की ओर अग्रसर है।

हिन्दुओ… इस आदेश को रट लो, क्योंकि यह केवल एक गाँव-एक प्रांत की समस्या नहीं

ऐसे हालात में अमूमन हिंदू मन मसोस रह जाते हैं। अब इससे इतर मद्रास हाई कोर्ट ने एक रास्ता दिखाया है।

टीकरी बॉर्डर: आंदोलन में शामिल होने आई युवती के साथ दुष्‍कर्म मामले में 4 किसान नेताओं सहित 6 पर FIR

आरोपित अनूप सिंह हिसार क्षेत्र का है और आम आदमी पार्टी (AAP) का सक्रिय कार्यकर्ता भी है जिसकी पुष्टि आप सांसद सुशील गुप्ता ने की। अनिल मलिक भी दिल्ली में AAP का कार्यकर्ता बताया जा रहा है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,402FansLike
92,043FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe