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फायरिंग की घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई शाहीन बाग धरने की सुरक्षा, बिना आई कार्ड नो एंट्री

धरने में शामिल होने वाले लोगों की कड़ाई से जाँच की जा रही है। धरने से करीब 100 मीटर दूर बेरिकेडिंग लगाई गई है। यहाँ आने-जाने वालों पर अब कड़ी नज़र रखी जा रही है।

दिल्ली में सीएए विरोध प्रदर्शन के बीच बीते दिनों हुई फायरिंग की घटनाओं ने दिल्ली पुलिस और सरकार को भी चिंता में डाल दिया है। इन्ही फायरिंग की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस ने शाहीन बाग धरने की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। इसके बाद अब वहाँ आने-जाने वालों के आई कार्ड चैक किए जाएँगे। वहीं जामिया कैंपस में छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था को अपने हाथों में ले लिया है।

जानकारी के मुताबिक पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए सड़क को दोनों ओर दो स्थानों पर बेरिकेडिंग लगाई है। इसके साथ ही धरने में शामिल होने वाले लोगों की कड़ाई से जाँच की जा रही है। धरने से करीब 100 मीटर दूर बेरिकेडिंग लगाई गई है। यहाँ आने-जाने वालों पर अब कड़ी नज़र रखी जा रही है।

दूसरी ओर शाहीन बाग में 51 दिनों से सीएए के खिलाफ चल रहे धरना प्रदर्शन दिल्ली की राजनीति का केन्द्र बन गया है। वहीं दिल्ली पुलिस आयुक्त पटनायक ने आगे कहा कि जो लड़का शाहीन बाग में फायरिंग करने आया था, उसमें हिम्मत नहीं थी कि वह कुछ और कर पाता। एक दो घटना घटी हैं, जो अलग हैं। पुलिस ने शाहीन बाग में धरने वाली जगह पर सुरक्षा के पूरे इंतजामात कर दिए हैं।

गौरतलब है कि शनिवार को एक व्यक्ति ने शाहीन बाग में हवा में दो गोलियाँ चलाई थी। हालाँकि, बाद में उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। इस बीच, चुनाव आयोग ने दक्षिणपूर्व दिल्ली के डीसीपी चिन्मय बिस्वाल को रविवार को तत्काल प्रभाव से हटा दिया।

आयोग ने इलाके की मौजूदा स्थिति का जिक्र करते हुए यह कदम उठाया है। वहीं आयोग ने अतिरिक्त डीसीपी (दक्षिणपूर्व) कुमार ज्ञानेश को इलाके का प्रभार संभालने का निर्देश दिया है। ज्ञात हो कि शाहीन बाग और जामिया नगर इलाके में इस हफ्ते गोलीबारी की तीन घटनाएँ हुई थीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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