Sunday, March 7, 2021
Home देश-समाज किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

एक सोशल मीडिया यूजर द्वारा शेयर किए गए पोस्ट में कॉन्ग्रेस को पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू को प्रमोट करते हुए देखा जा सकता है। बता दें कि ये वही दीप सिद्धू है, जिसने लाल किले पर खालसा का झंडा फहराने का समर्थन किया है। उसने लोगों से खालिस्तानी नारे भी लगवाए।

मंगलवार (जनवरी 26, 2021) को ‘इंडिया टुडे’ के पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने फेक न्यूज फैलाते हुए तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है। राजदीप ने ट्विटर पर लिखा, “पुलिस फायरिंग में आईटीओ पर 45 साल के नवनीत की मौत हो गई है। किसानों ने मुझे बताया कि उसका ‘बलिदान’ व्यर्थ नहीं जाएगा।” 

बता दें कि इस तस्वीर में शव के पास बैठे एक शख्स के हाथ में खालिस्तानी कड़े देखे जा सकते हैं। इसके अलावा केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने अपनी ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले के अंदर घुस कर उस पर लाल-पीला झंडा भी फहरा दिया। प्रदर्शनकारी किसानों ने लाल किले के फाटक पर रस्सियाँ बाँधकर इसे गिराने की भी कोशिश की।

कथित किसान विरोध प्रदर्शन के दौरान सिख झंडों के बीच खालिस्तानी उकसावे की बहस का भी जमकर बोलबाला रहा। मंगलवार दोपहर लाल किले पर पहुँचे किसानों को एक गुंबद के शीर्ष पर एक झंडा लगाते हुए देखा गया। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने उस जगह पर अपना झंडा लगा दिया, जहाँ पर प्रधानमंत्री हर वर्ष स्वतन्त्रता दिवस के मौके पर तिरंगा फहराते आए हैं।

एक वीडियो, जो सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर वायरल हो रहा है, में देखा जा सकता है कि उपद्रवियों की भीड़ में से लाल किले पर एक आदमी सिखों का झंडा लगाने खम्बे पर चढ़ रहा है। भीड़ में से जब एक आदमी ने उसकी ओर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा बढ़ाया तो उसने बेहद अपमानजनक तरीके से तिरंगे को दूर फेंक दिया। झंडा फहराने के दौरान खालिस्तानी नारा भी सुना जा सकता है।

अब सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया? सोचने वाली बात यह भी है कि किसान के तथाकथित आंदोलन में ‘सिख’ झंडा क्या कर रहा है? खालिस्तानी भी तो सिखों के लिए अलग देश चाहते हैं और यहाँ तिरंगे के पोल पर सिख झंडा लगा दिया गया। 

खालिस्तानी और देश के दुश्मनों के साथ मिलकर कुछ नेता पीएम नरेंद्र मोदी और देश के खिलाफ षड़यंत्र कर लाल किले पर तिरंगा उतारकर किसान आंदोलन का झंडा फहराया। देश को बदनाम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। आंदोलन किसान के नाम पर किए जाते हैं, लेकिन झंडे फहराए जा रहे हैं खालिस्तान के।

इस बीच आम आदमी पार्टी के नेता अमरीक सिंह का पोस्ट भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने कैप्शन दिया था, “राज करेगा खालसा, लाल किला फतेह।”

एक सोशल मीडिया यूजर द्वारा शेयर किए गए पोस्ट में कॉन्ग्रेस को पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू को प्रमोट करते हुए देखा जा सकता है। बता दें कि ये वही दीप सिद्धू है, जिसने लाल किले पर खालसा का झंडा फहराने का समर्थन किया है। उसने लोगों से खालिस्तानी नारे भी लगवाए।

इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पोती महिमा शास्त्री ने राजदीप सरदेसाई के ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा है, “मेरे दादाजी लाल बहादुर शास्त्री ने असली किसानों के लिए नारा दिया था, न कि खालिस्तानियों के लिए। क्या हमें अधिक प्रमाण की आवश्यकता है कि यह किसान आंदोलन नहीं है?”

बता दें कि राजदीप सरदेसाई ने अराजक हिंसा का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा था, “गणतंत्र दिवस पर और अधिक दुखद क्या हो सकता है जब जय जवान, जय किसान ITO में किसान बनाम जवान बन जाता है।”

ये भी ध्यान देने वाली बात है कि दो सप्ताह पहले प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस (SFJ)’ ने ऐलान किया था कि जो भी दिल्ली के लाल किला पर खालिस्तानी झंडा फहराएगा, उसे 2.5 लाख डॉलर (1.83 करोड़ रुपए) इनाम के रूप में दिए जाएँगे। 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अनुराग-तापसी को ‘किसान आंदोलन’ की सजा: शिवसेना ने लिख कर किया दावा, बॉलीवुड और गंगाजल पर कसा तंज

संपादकीय में कहा गया कि उनके खिलाफ कार्रवाई इसलिए की जा रही है, क्योंकि उन लोगों ने ‘किसानों’ के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है।

‘मासूमियत और गरिमा के साथ Kiss करो’: महेश भट्ट ने अपनी बेटी को साइड ले जाकर समझाया – ‘इसे वल्गर मत समझो’

संजय दत्त के साथ किसिंग सीन को करने में पूजा भट्ट असहज थीं। तब निर्देशक महेश भट्ट ने अपनी बेटी की सारी शंकाएँ दूर कीं।

‘कॉन्ग्रेस का काला हाथ वामपंथियों के लिए गोरा कैसे हो गया?’: कोलकाता में PM मोदी ने कहा – घुसपैठ रुकेगा, निवेश बढ़ेगा

कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में अपनी पहली चुनावी जनसभा को सम्बोधित किया। मिथुन भी मंच पर।

मिथुन चक्रवर्ती के BJP में शामिल होते ही ट्विटर पर Memes की बौछार

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मिथुन चक्रवर्ती ने कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में भाजपा का दामन थाम लिया।

‘ग्लोबल इनसाइक्लोपीडिया ऑफ रामायण’ का शुभारंभ: CM योगी ने कहा – ‘जय श्री राम पूरे देश में चलेगा’

“जय श्री राम उत्तर प्रदेश में भी चलेगा, बंगाल में भी चलेगा और पूरे देश में भी चलेगा।” - UP कॉन्क्लेव शो में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि...

‘राहुल गाँधी का ‘फालतू स्टंट’, झोपड़िया में आग… तमाशे की जिंदगानी हमार’ – शेखर गुप्ता ने की आलोचना, पिल पड़े कॉन्ग्रेसी

शेखर गुप्ता ने एक वीडियो में पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की आलोचना की, जिससे भड़के कॉन्ग्रेस नेताओं ने उन्हें जम कर खरी-खोटी सुनाई।

प्रचलित ख़बरें

माँ-बाप-भाई एक-एक कर मर गए, अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने दिया: 20 साल विष्णु को किस जुर्म की सजा?

20 साल जेल में बिताने के बाद बरी किए गए विष्णु तिवारी के मामले में NHRC ने स्वत: संज्ञान लिया है।

मौलाना पर सवाल तो लगाया कुरान के अपमान का आरोप: मॉब लिंचिंग पर उतारू इस्लामी भीड़ का Video

पुलिस देखती रही और 'नारा-ए-तकबीर' और 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगा रही भीड़ पीड़ित को बाहर खींच लाई।

‘शिवलिंग पर कंडोम’ से विवादों में आई सायानी घोष TMC कैंडिडेट, ममता बनर्जी ने आसनसोल से उतारा

बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी ने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। इसमें हिंदूफोबिक ट्वीट के कारण विवादों में रही सायानी घोष का भी नाम है।

‘40 साल के मोहम्मद इंतजार से नाबालिग हिंदू का हो रहा था निकाह’: दिल्ली पुलिस ने हिंदू संगठनों के आरोपों को नकारा

दिल्ली के अमन विहार में 'लव जिहाद' के आरोपों के बाद धारा-144 लागू कर दी गई है। भारी पुलिस बल की तैनाती है।

आज मनसुख हिरेन, 12 साल पहले भरत बोर्गे: अंबानी के खिलाफ साजिश में संदिग्ध मौतों का ये कैसा संयोग!

मनसुख हिरेन की मौत के पीछे साजिश की आशंका जताई जा रही है। 2009 में ऐसे ही भरत बोर्गे की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।

पिछले 1000-1200 वर्षों से बंगाल में हो रही गोहत्या, कोई नहीं रोक सकता: ममता के मंत्री सिद्दीकुल्लाह का दावा

"उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने यहाँ आकर कहा था कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो वह राज्य में गोहत्या को समाप्त कर देगी।"
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,301FansLike
81,971FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe