तालिबान कनेक्शन: ₹600 करोड़ की हेरोइन ज़ब्त, जूट की बोरियों के रेशे में छुपाते थे पाउडर

पाकिस्तान-अफगानिस्तान के ड्रग तस्करों का सिंडिकेट ड्रग्स में डूबे जूट के धागों से बने बोरियों में मसाले और अन्य सामान भरकर दिल्ली लाते थे। यह रैकेट देश में अब तक 5000 करोड़ रुपए की हेरोइन ला चुका है।

दिल्ली पुलिस ने देश की राजधानी में चल रहे एक ऐसे ड्रग्स रैकेट का खुलासा किया है जिसके तार तालिबान से जुड़े हैं। स्पेशल सेल ने शुक्रवार (19 जुलाई 2019) को 150 किलो हेरोइन बरामद कर जाकिर नगर में चल रही एक हेरोइन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में जब्त हेरोइन की क़ीमत 600 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

पुलिस ने 2 अफ़गानी रसायन विशेषज्ञों समेत 5 लोगों को गिरफ़्तार किया है। यह दिल्ली में जब्त की गई ड्रग्स की अब तक की सबसे बड़ी खेप है। स्पेशल सेल का कहना है कि यह रैकेट देश में अब तक 5000 करोड़ रुपए की हेरोइन ला चुका है।

अफगानिस्तान से हेरोइन की तस्करी बेहद दिलचस्प तरीके से की जा रही थी। जूट की बोरियों को अफगानिस्तान में लिक्विड हेरोइन में भीगो दिया जाता था। सूखने के बाद बोरियों में मसाले भरकर दिल्ली भेजा जाता था। इसके बाद बोरियों को तस्कर दिल्ली के जाकिर नगर स्थित फैक्ट्री में ले जाकर कई तरह के केमिकल में भिगोते थे। फिर गीली बोरियों को सुखाकर इनके रेसों में चिपटी हेरोइन को खास तकनीक से पाउडर में बदला जाता था। इसके बाद बोरियों को जला दिया जाता था।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

जूट की एक बोरी से कम से कम एक किलो हेरोइन निकलती थी। ख़बर के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 120 दिनों के लंबे अभियान के बाद यह सफलता हासिल की है। इस रैकेट में अफ़ग़ानिस्तान तालिबान का नेता और उसका पाकिस्तानी साथी भी शामिल है। लंबे ऑपरेशन के बाद दिल्ली पुलिस ने छह कारों में भरी लगभग 150 किलो हेरोइन ज़ब्त करने में सफल रही। सभी कारें दिल्ली और अमृतसर के आसपास विभिन्न मार्गों पर खड़ी थी। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के डीसीपी मनीष चंद्रा ने न्यूज 18 को बताया कि विशेष रूप से तैयार हेरोइन के घोल में जूट के रेशों को तस्कर भिगो देते थे।

ख़बर के अनुसार, हेरोइन को अफ़गानिस्तान से पाकिस्तान के रास्ते होते हुए दिल्ली लाया जाता था। पुलिस ने बताया कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान के ड्रग तस्करों का यह सिंडिकेट ड्रग्स में डूबे जूट के धागों को जलालाबाद से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भेजता था। इसके बाद उसकी बोरियाँ बना दी जाती थीं। इसके बाद मसाले और अन्य सामान भरकर बोरियाँ दिल्ली में रह रहे कश्मीर के मसाला कारोबारियों तक पहुँचा दी जाती थीं। दिल्ली में बोरियाँ खाली की जातीं और स्मग्लर उन्हें अपने साथ ले जाते। इसके बाद जाकिर नगर की फैक्ट्री में बोरियों से हेरोइन अलग किया जाता था।

गिरफ़्तार किए गए आरोपितों में अफ़गानिस्तान से शिनवारी रहमत गुल और अख़्तर मोहम्मद शिनवारी है। भारतीय नागरिकों में बटला हाउस से वेकिल अहमद, फरीदाबाद का धीरज और दिल्ली के महारानी बाग का रईस खान शामिल है।

स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ड्रग्स के गोरखधंधे से जुड़े लोगों की धर-पकड़ के लिए स्पेशल सेल की एक टीम काम कर रही थी। उन्होंने बताया कि हेरोइन फैक्ट्री से जुड़े 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें 2 अफ़गानिस्तान मूल के हैं। आरोपितों के क़ब्जे से टोयटा, कैमी, होंडा सिविक, कोरोल जैसी लग्ज़री गाड़ियाँ भी बरामद की गई हैं।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

जेएनयू विरोध प्रदर्शन
छात्रों की संख्या लगभग 8,000 है। कुल ख़र्च 556 करोड़ है। कैलकुलेट करने पर पता चलता है कि जेएनयू हर एक छात्र पर सालाना 6.95 लाख रुपए ख़र्च करता है। क्या इसके कुछ सार्थक परिणाम निकल कर आते हैं? ये जानने के लिए रिसर्च और प्लेसमेंट के आँकड़ों पर गौर कीजिए।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

114,921फैंसलाइक करें
23,424फॉलोवर्सफॉलो करें
122,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: