Tuesday, June 25, 2024
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7 नवजातों की मौत, 5 वेंटिलेटर पर: दिल्ली के चाइल्ड केयर सेंटर का मालिक और डॉक्टर दोनों गिरफ्तार, स्थानीयों ने बताया- हवा में उड़कर फट रहे थे ऑक्सीजन सिलेंडर

आग की चपेट में आने की वजह से ऑक्सीजन सिलेंडरों में धमाके होने लगे। इन धमाकों के चलते आग तेजी से फैली और पास की बिल्डिंग तक पहुँच गई।

दिल्ली के विवेक विहार इलाके में स्थित चाइल्ड केयर सेंटर में आग लगने की वजह से 7 नवजात बच्चों की मौत मामले में रविवार (26 मई 2024) को न्यू बोर्न बेबी केयर अस्पताल के मालिक और एक डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया। पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार स्थित न्यू बोर्न बेबी केयर अस्पताल के मालिक डॉ. नवीन खिंची को दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी से गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा, घटना के समय अस्पताल की शिफ्ट संभालने वाले 25 वर्षीय डॉ. आकाश को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक ये आग शॉर्ट सर्किट के चलते लगी थी, जो चाइल्ड केयर सेंटर में रखे दर्जनों ऑक्सीजन सिलेंडर तक फैल गई और सिलेंडरों में धमाके होने लगे। इन धमाकों के चलते आग तेजी से फैली और पास की बिल्डिंग तक पहुँच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिलेंडर लगातार फट रहे थे और आसमान में रॉकेट्स की तरह उड़ रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इस चाइल्ड केयर सेंटर में जरूरत से कहीं ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर रखे जाते थे। इनकों लेकर लोग शिकायत भी कर चुके थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही वजह है कि आग लगने की वजह से जब ब्लास्ट होने लगा, तो हालात काबू से बाहर हो गए।

हैरानी की बात यह है कि घटना के दौरान न तो हॉस्पिटल प्रशासन का कोई व्यक्ति वहाँ मौजूद था और न ही इस आगजनी की घटना की सूचना नवजातों के परिजनों को दी गई। हादसे के बाद से पूरा अस्पताल प्रशासन फरार बताया जा रहा है। आग लगने के स्पष्ट कारणों का तो अब तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन बताया जा रहा है कि शॉर्ट-सर्किट की वजह से आग लगी थी, जिसकी चपेट में आवश्यकता से अधिक और अवैध रूप से वहाँ रखे गए ऑक्सीजन सिलेंडर के आने के बाद ब्लास्ट होने शुरू हो गए और आग काफी तेजी से फैल गई।

लोगों ने अस्पताल प्रशासन समेत स्थानीय पार्षद, विधायक से लेकर पूरे सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि रिहाइशों के बीच स्थित इस अस्पताल में हर दिन 50 ऑक्सीजन सिलेंडर लाये जाते थे। इस छोटे से अस्पताल में इतने ऑक्सीजन सिलेंडरों की आवश्यकता नहीं है, फिर भी यहां हर दिन भारी मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर आते थे।जिसकी पुलिस प्रशासन से लेकर पार्षद-विधायक सभी ने अनदेखी की।

बता दे कि पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में स्थित शिशु देखभाल केंद्र में भीषण आग लगने से 7 बच्चों की मौत हो गई है। यहाँ कई बच्चों को रेस्क्यू भी किया गया, लेकिन 12 घायल हो गए थे, जिसमें से 6 बच्चों की मौत हो गई थी, एक बच्चे ने दूसरे अस्पताल में दम तोड़ दिया। 5 घायल बच्चों में एक बच्चे को वेंटिलेटर पर रखा गया है, उसकी हालत काफी नाजुक बताई जा रही है।

दिल्ली दमकल विभाग के मुताबिक, बेबी केयर सेंटर 120 गज की बिल्डिंग में बना था। बेबी केयर सेंटर के बगल में एक बिल्डिंग थी उस पर भी आग की लपटें गई थी लेकिन गनीमत ये रही कि वहाँ कोई जनहानि नहीं हुई। बेबी केयर सेंटर के अंदर बड़ी संख्या में ऑक्सीजन सिलेंडर पड़े हुए हैं। कुछ ऑक्सीजन सिलेंडर आग में फटे भी थे जो मौके पर दिखाई दे रहे हैं। दमकल विभाग की 16 गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत से आग पर काबू पाया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 25 मई की रात लगभग 11.30 बजे विवेक विहार थाना पुलिस को आग लगने के संबंध में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी। कॉल मिलते ही विवेक विहार के एसीपी और एसएचओ तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे, जहाँ न्यू बोर्न बेबी केयर अस्पताल और उसके बगल की बिल्डिंग में आग लगी हुई पाई गई। पुलिस के अनुसार, 11 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इमारत की ऊपरी मंजिल से बचाया गया और एम्बुलेंस द्वारा इलाज के लिए पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल, डी-237, विवेक विहार में शिफ्ट कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह तीन मंजिला इमारत है और आग लगने से पूरी इमारत जलकर खाक हो गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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