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11 दिन में 1000 बेड वाला ‘कोरोना हॉस्पिटल’ तैयार: वीरगति को प्राप्त कर्नल संतोष बाबू के नाम पर ICU वेंटिलेटर वॉर्ड

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने कोविड-19 के इलाज के लिए बने अस्पताल के वॉर्डों का नाम बलिदान सैनिकों के नाम पर रखा है। आईसीयू और वेंटीलेटर वार्ड का नाम कर्नल बी संतोष बाबू के नाम पर रखा गया है। जबकि...

गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में वीरगति को प्राप्त हुए भारतीय जवानों को पूरा देश श्रद्धांजलि दे रहा है। वहीं अब रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने कोविड-19 के इलाज के लिए बने अस्पताल के वॉर्डों का नाम बलिदान सैनिकों के नाम पर रखा है।

बता दें कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने केवल 11 दिनों में राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के इलाज के लिए 1,000 बेड वाली सुविधा का निर्माण किया है। अस्पताल में अस्थायी संरचना में 250 आईसीयू बेड भी शामिल हैं।

डीआरडीओ ने हाल ही में कहा था कि दिल्ली में नई कोविड ​​-19 फैसिलिटी के विभिन्न वार्डों का नाम चीन के साथ हुए खूनी झड़प में लद्दाख की गलवान घाटी पर बलिदान हुए जवानों के नाम पर रखा जाएगा। जिसमें अस्पताल के आईसीयू और वेंटीलेटर वार्ड का नाम कर्नल बी संतोष बाबू के नाम पर रखा गया है।

खास बात यह है कि कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए इस 1,000 बेड की सुविधा में विशेष आईसीयू बेड भी होंगे। इस नए कोविड-19 अस्पताल का उद्घाटन गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को करेंगे।

गौरतलब है कि दिल्ली में कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर अब केंद्र गृहमंत्री अमित शाह ने खुद मोर्चा सँभाल लिया था। वहीं अमित शाह के निर्देश पर कुछ दिन पहले ही आईटीबीपी की टीम ने नई दिल्ली स्थित राधास्वामी व्यास छतरपुर में 10,000 से भी ज्यादा बिस्तरों वाले प्रस्तावित कोविड केयर सेंटर को संचालन करने के लिए नोडल एजेंसी के तौर पर कार्यभार संभाल लिया था।

आईटीबीपी के अनुभवी डॉक्टरों और प्रशासकों की टीम ने 24 जून को नई दिल्ली के राधा स्वामी ब्यास छतरपुर में आकर तैयारियाँ युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दी थी। इसके साथ आइटीबीपी की टीमों ने दिल्ली सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारियों और आश्रम के विभिन्न अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें भी कीं थी।

यह भवन भारत की सबसे बड़ी कोविड केयर फैसीलिटी है। कोरोना वायरस मरीजों के लिए समर्पित इस केयर सेंटर में फिलहाल 2000 बेड उपलब्ध हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही इसमें 10,000 बेड की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस केयर सेंटर में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य सीएपीएफ सहित 1000 से अधिक आईटीबीपी कर्मियों को तैनात किया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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