Wednesday, June 26, 2024
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गोकशी के लिए बछिया लेकर जा रहा फुरकान अली गिरफ्तार: मुठभेड़ में पुलिस ने पाँव में मारी गोली, घायल

पैर में गोली लगने से घायल अपराधी फुरकान अली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उक्त अपराधी के पिता का नाम महमूद है, जो मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र स्थित नंगला साहू का निवासी है। फिलहाल वो हापुड़ के हाफिजपुर थाना क्षेत्र स्थित बड़ोदा में रह रहा था। वहीं उसका साथी बदमाश मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश के लिए पुलिस कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही है।

नोएडा में पुलिस ने गोकशी के लिए गाय को ले जाते हुए एक अपराधी को धर-दबोचने में सफलता पाई है। नोएडा पुलिस कमिश्नर ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से जानकारी दी है कि सोमवार (अक्टूबर 5, 2020) को जारचा थाना क्षेत्र के चोना नहर की पटरी पर पुलिस और गोकशी करने वाले बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें फुरकान अली नामक अपराधी अपने पाँव में गोली लगने से घायल हो गया।

पैर में गोली लगने से घायल अपराधी फुरकान अली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उक्त अपराधी के पिता का नाम महमूद है, जो मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र स्थित नंगला साहू का निवासी है। फिलहाल वो हापुड़ के हाफिजपुर थाना क्षेत्र स्थित बड़ोदा में रह रहा था। वहीं उसका साथी बदमाश मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश के लिए पुलिस कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही है। उसकी भी गिरफ़्तारी जल्द हो सकती है।

पुलिस ने जानकारी दी है कि गिरफ्तार अभियुक्त फुरकान अली पर पहले से ही 9 मामले दर्ज हैं। उसके कब्जे से एक बिना नंबर की वैगनआर कार भी बरामद की गई है। साथ ही उस गाड़ी के पीछे की सीट से एक बछिया भी बँधी हुई मिली। साथ ही उसके पास से रस्सी और चाकू भी जब्त हुए। गिरफ्तार अपराधी के पास से 315 बोर का तमंचा, 2 ज़िंदा कारतूस और 1 खोखा कारतूस पुलिस ने जब्त किया। दोनों अपराधी गोवंश को किसी सुनसान इलाके में जे जाकर उसकी हत्या करना चाहते थे।

घायल होने के कारण उक्त बदमाश को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। साथ ही उसके आपराधिक इतिहास के बारे में पूरी छानबीन की जा रही है। उसके सीट के पीछे बँधी हुई गाय की बछिया को भी बचा लिया गया है, जिसे वो गोकशी के लिए लेकर जा रहा था। पुलिस ने इस पूरे मामले के सम्बन्ध में वीडियो भी जारी किया और अपने बयान के जरिए पूरे प्रकरण के बारे में समझाया।

बता दें कि पहले यूपी में गोहत्या के आरोपित 7 साल के कारावास की सज़ा के प्रावधान के कारण जमानत पाने में सफल हो जाते थे। इसे ध्यान में रखते हुए सज़ा को अधिकतम 10 साल कर दिया गया है। साथ ही गोहत्या पर लगने वाले जुर्माने को भी 3 लाख रुपए से बढ़ा कर 5 लाख रुपए कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश में अब जो भी गोहत्या या गो-तस्करी में संलिप्त होगा, उसके फोटो भी सार्वजनिक रूप से चस्पा होंगे। जून 2020 में ही यूपी कैबिनेट ने ये फ़ैसला लिया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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