Thursday, January 20, 2022
Homeदेश-समाजराकेश टिकैत के रोड शो में 100 लोग, लाज पचाने को बोले - 'खेतों...

राकेश टिकैत के रोड शो में 100 लोग, लाज पचाने को बोले – ‘खेतों में काम करने गए हैं किसान’

राकेश टिकैत गुजरात की अपनी यात्रा के पहले दिन केवल 100 लोग ही जुटा पाए। इसमें भी ज्यादातर उनके समर्थक नहीं थे। लाज पचाने के लिए उन्होंने "किसान खेत में काम करने गए हैं" जुमला फेंका।

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ ‘किसान’ दिल्ली की सीमा पर पिछले कई महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में किया जा रहा यह विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे दम तोड़ता जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में किसान नेता राकेश टिकैत अपने दो दिवसीय दौरे (4 और 5 अप्रैल) पर गुजरात पहुँचे। यहाँ वह ‘किसान’ आंदोलन में पर्याप्त समर्थन जुटाने में असफल दिखे। एक रिपोर्ट के अनुसार, अंबाजी और पालनपुर में अपनी निर्धारित यात्रा के पहले दिन वह अपने कार्यक्रम में केवल 100 लोग ही जुटा पाए। इसमें भी ज्यादातर उनके समर्थक नहीं थे।

इस दौरान टिकैत ने गुजरात के किसानों को विरोध प्रदर्शन के लिए ट्रैक्टरों का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “ये वाहन किसानों के टैंक हैं और दिल्ली में पुलिस बैरिकेड हटाने के लिए इनका अच्छा उपयोग किया गया था। किसान अपने ट्रैक्टरों का उपयोग करके गुजरात में आंदोलन करेंगे। गाँधीनगर के घेराव और सड़कों को अवरुद्ध करने का समय आ गया है। यदि जरूरत पड़ी तो हम बैरिकेड भी तोड़ेंगे।”

उन्होंने आगे कहा कि गुजरात के किसानों को भी बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहिए, ताकि देश को विश्वास हो कि इस राज्य के किसान भी नए कानूनों के खिलाफ हैं, जहाँ से बड़े नेता आते हैं। हालाँकि, राकेश टिकैत इस बात को भाँप चुके थे कि उनका प्रदर्शन दम तोड़ रहा है। इसलिए उन्हें कहना पड़ा कि दिल्ली के बॉर्डर से प्रदर्शनकारी स्थल छोड़ कर नहीं गए हैं, वे अभी अपने खेतों में काम करने गए हैं।

टिकैत ने रविवार को इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि किसान खेतों में काम करने के लिए गए हैं और जब केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल चुनाव से मुक्त हो जाएगी तो वे लौट आएँगे। उनकी इन बातों से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि दिल्ली में किसानों की संख्या प्रदर्शन स्थल से घट रही है।

वहीं किसान नेता के रोड शो में बेहद कम संख्या में लोगों के पहुँचने पर सोशल मीडिया पर उन पर तंज भी कसे गए। ट्वीटर पर एक यूजर ने कहा कि ये तो पुलिस का रोड शो लगता है। एक अन्य यूजर ने कहा कि इतना भारी जनसैलाब न कभी देखा है और ना ही कभी देखूँगा। बता दें कि नवंबर 2020 से ‘किसान’ दिल्ली की सीमा पर मोदी सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

महाराष्ट्र के नगर पंचायतों में BJP सबसे आगे, शिवसेना चौथे नंबर की पार्टी बनी: जानिए कैसा रहा OBC रिजर्वेशन रद्द होने का असर

नगर पंचायत की 1649 सीटों के लिए मंगलवार को मतदान हुआ था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह चुनाव ओबीसी आरक्षण के बगैर हुआ था।

भगवान विष्णु की पौराणिक कहानी से प्रेरित है अल्लू अर्जुन की नई हिंदी डब फिल्म, रिलीज को तैयार ‘Ala Vaikunthapurramuloo’

मेकर्स ने अल्लू अर्जुन की नई हिंदी डब फिल्म के टाइटल का मतलब बताया है, ताकि 'अला वैकुंठपुरमुलु' से अधिक से अधिक दर्शकों का जुड़ाव हो सके।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
152,298FollowersFollow
413,000SubscribersSubscribe