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राकेश टिकैत ने मंच से लगवाए अल्लाह-हू-अकबर के नारे, कहा- ‘दिल्ली में हमारी कब्रगाह भी बन जाए तब भी मोर्चा नहीं छोड़ेंगे’

"सरकार बात करने को तैयार नहीं है। उसने बात करनी बंद कर दी है। हम बात करना चाहते हैं पर लगता है सरकार इसका कोई समाधान नहीं चाहती है।"

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में राजकीय इंटर कालेज मैदान में संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत में हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड समेत कई राज्यों से किसान पहुँचे हैं। इस दौरान राकेश टिकैत ने दिल्ली बॉर्डर पर डटे किसानों को लेकर कहा कि भले ही वहाँ हमारी कब्रगाह बन जाए, लेकिन हम वहाँ से नहीं जाएँगे। उन्होंने कहा, ”हम आपसे वादा लेकर जाते हैं कि अगर वहाँ पर हमारी कब्रगाह बनी तो भी हम मोर्चा नहीं छोड़ेंगे और बगैर जीते वापस नहीं आएँगे।”

टिकैत ने अपने मंच से लगवाए अल्ला-हू-अकबर के नारे लगवाए

किसान नेता राकेश टिकैत ने रविवार (5 सितंबर) को किसान मोर्चा की महापंचायत में भीड़ से अल्लाहु-अकबर और हर-हर महादेव के नारे भी लगवाए। उन्होंने कहा, ”यूपी की जमीन को दंगा करवाने वालों को नहीं देंगे।”

राकेश टिकैत ने कहा कि जब भारत सरकार हमें बातचीत के लिए आमंत्रित करेगी, हम जाएँगे। जब तक सरकार हमारी माँगे पूरी नहीं करती तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। आजादी के लिए संघर्ष 90 साल तक चला, इसलिए मुझे नहीं पता कि यह आंदोलन कब तक चलेगा।

टिकैत ने कहा कि मुजफ्फनगर की जमीन पर पैर नहीं रखेंगे, जब जीत होगी तभी हम यहाँ आएँगे। उन्होंने कहा, “सरकार बात करने को तैयार नहीं है। उसने बात करनी बंद कर दी है। हम बात करना चाहते हैं पर लगता है सरकार इसका कोई समाधान नहीं चाहती है।” उन्‍होंने आगे कहा कि अब मिशन सिर्फ यूपी नहीं बल्कि देश को बचाना है। पूरे देश के मुद्दे उठाएँगे।

पत्रकार सुशांत सिन्हा ने अपने ट्विटर हैंडल पर किसानों को एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें बड़ी संख्या में किसान एक महिला पत्रकार को घेरे हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने वीडियो के साथ लिखा, ”एक महिला पत्रकार को घेरकर अपने ‘किसान’ होने का परिचय देते गुंडे।” बता दें कि मंच से संयुक्त किसान मोर्चा ने 27 सितंबर को भारत बंद की घोषणा की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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