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बच्चों के बीच झगड़े के बाद किस्मत अली व उसके दर्जन भर लोगों ने महिलाओं को पीटा, पुलिस पर पथराव

इस हमले में 6 लोग घायल हुए, जिसमें 4 महिलाएँ हैं। यहाँ भी पत्थरबाज़ी वाला ट्रेंड देखने को मिला और 'समुदाय विशेष' के लोगों ने पीड़ितों के घरों पर पत्थरबाज़ी भी की। यहाँ तक कि यूपी पुलिस को भी नहीं बख़्शा गया।

बहराइच में बच्चों के बीच हुए विवाद ने तब बड़ा रूप ले लिया, जब इसे लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने लाठी-डंडे से लैस होकर आतंक मचाया। दरअसल, कोतवाली नानपारा क्षेत्र के नूरीपुरवा गाँव में दो बच्चों के बीच कहासुनी हो गई। इस कहासुनी के बाद ‘विशेष समुदाय’ के लोगों ने न सिर्फ़ एक बच्चे के परिवार पर हमला बोल दिया, बल्कि सबकी पिटाई भी की। इस हमले में 6 लोग घायल हुए, जिसमें 4 महिलाएँ हैं। यहाँ भी पत्थरबाज़ी वाला ट्रेंड देखने को मिला और ‘समुदाय विशेष’ के लोगों ने पीड़ितों के घरों पर पत्थरबाज़ी भी की। यहाँ तक कि यूपी पुलिस को भी नहीं बख़्शा गया।

जब घटना की सूचना मिलने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस मौके पर पहुँची, तब पुलिस की गाड़ी पर भी पथराव किया गया। पुलिस ने जब हमलावरों को खदेड़ना शुरू किया तो वे गन्ने के खेतों का फायदा उठा कर भाग निकले। दोनों बच्चों के बीच बुधवार (जुलाई 3, 2019) को विवाद हुआ था। खेल-खेल में हुए इस विवाद को लेकर दोनों बच्चों ने अपने-अपने घरों में एक-दूसरे की शिकायत की। इसके बाद दोनों घरों की महिलाओं में कहासुनी हुई और बात हाथापाई तक भी पहुँची। हालाँकि, ग्रामीणों ने सही समय पर हस्तक्षेप करते हुए मामले को शांत करा दिया।

लेकिन, मामला शांत होने के बाद किस्मत अली दर्जन भर ‘अपने लोगों’ के साथ गाँव में पहुँचा, जिसमें शहीद और गोपासु नामक व्यक्ति भी शामिल था। उन्होंने लाठी-डंडे से लैस होकर तिलकराम के घर धावा बोल दिया। जब तिलकराम के परिजनों ने इसका विरोध किया, तब किस्मत अली व उसके लोगों ने तिलकराम के परिजनों की पिटाई की। महिलाओं तक को भी नहीं छोड़ा गया और उनकी भी पिटाई की गई। इस मामले में किस्मत अली समेत 20 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है।

हालाँकि, पुलिस ने बताया है कि गाँव में अब माहौल सामान्य है और तनाव की कोई स्थिति नहीं है। एएसपी रवींद्र सिंह ने पुलिस की गाड़ी पर पथराव की घटना से भी इनकार कर दिया। जानकारी के अनुसार, ग्रामीण पीड़ित परिजनों को बचाने मौके पर पहुँचे थे लेकिन हमलावरों के सनक को देख कर वे भी सहम गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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