Sunday, May 22, 2022
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बाबा रामदेव के खिलाफ जंग में IMA के बाद अब FORDA भी कूदा: 1 जून को करेगा देशभर में विरोध प्रदर्शन

FORDA ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि बाबा रामदेव के द्वारा ऐसे बयान दिए जाने के बाद भी अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। FORDA ने कहा कि चूँकि हम सब कोविड महामारी से लड़ने का कार्य कर रहे हैं इसलिए हम बाबा रामदेव के बयान के खिलाफ 1 जून को राष्ट्रव्यापी प्रोटेस्ट करेंगे।

योग गुरु बाबा रामदेव और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के बीच चल रहा विवाद अभी थमा भी नहीं था कि अब आवासीय डॉक्टरों के संगठन ने भी बाबा रामदेव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। फेडरेशन ऑफ रेसीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (FORDA) ने एलोपैथी और आधुनिक चिकित्सा के विषय में बाबा रामदेव द्वारा दिए गए वक्तव्य के खिलाफ 1 जून को राष्ट्रव्यापी ब्लैक डे प्रोटेस्ट करने का निर्णय लिया है।

FORDA ने शनिवार (मई 29, 2021) को जारी की गई अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कई कोरोना वॉरियर्स ने Covid-19 महामारी के दौरान अपनी क्षमता से ज्यादा कार्य किया है, लेकिन उनके इस योगदान के बावजूद बाबा रामदेव के द्वारा अमानवीय और अपमानजनक बयान दिया गया है। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि बाबा रामदेव के द्वारा दिए गए बयान के कारण भारत सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम को ठेस पहुँची है और लोगों में टीके के प्रति हिचकिचाहट भी पैदा हुई है।

FORDA ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि बाबा रामदेव के द्वारा ऐसे बयान दिए जाने के बाद भी अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। FORDA ने कहा कि चूँकि हम सब कोविड महामारी से लड़ने का कार्य कर रहे हैं इसलिए हम बाबा रामदेव के बयान के खिलाफ 1 जून को राष्ट्रव्यापी ब्लैक डे प्रोटेस्ट करेंगे।

हालाँकि, यह ध्यान रखा जाएगा कि इस प्रोटेस्ट के दौरान मरीजों को कोई असुविधा न हो। साथ ही FORDA ने बाबा रामदेव के खिलाफ महामारी अधिनियम, 1897 की धाराओं के तहत कार्रवाई की माँग की है और कहा है कि बाबा रामदेव अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी माँगे।

ज्ञात हो कि फेडरेशन ऑफ रेसीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (FORDA) भारत में आवासीय डॉक्टरों का एक पेशेवर एसोसिएशन है जिसकी स्थापना जनवरी 2014 में दिल्ली में हुई थी। FORDA आवासीय डॉक्टरों की सुरक्षा, काम की अवधि और ड्यूटी के लिए बेहतर वातावरण के मुद्दे उठाता रहता है।

आपको बता दें कि बाबा रामदेव सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में एलोपैथी और आधुनिक चिकित्सा पद्धति पर यह कहते हुए देखे गए कि एलोपैथिक दवाईयों के कारण देश में कई कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की मौत हुई है।

एलोपैथी पर बाबा रामदेव के बयान के बाद IMA और बाबा रामदेव के बीच रार ठन गई। IMA ने न केवल बाबा रामदेव के खिलाफ दिल्ली में शिकायत दर्ज कराई बल्कि उन्हें 1000 करोड़ रुपए की मानहानि का नोटिस भी दिया। साथ ही IMA ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर बाबा रामदेव के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की माँग की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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