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‘गलत के खिलाफ बोलने का अर्थ BJP से जुड़ना होता है तो अपनी IQ चेक कराओ’: वेंकटेश प्रसाद के ‘स्विंग’ से फिर चित हुए वामपंथी, ‘अग्निपथ’ पर दिया जवाब

इन ट्रॉल्स के उसी दिन दिए गए जवाब में वेंकटेश प्रसाद ने लिखा, "ट्रेनों और बसों को जलाना विरोध करने का कोई भी तरीका नहीं है। अगर आपको कोई दिक्कत है तो शाँतिपूर्वक प्रदर्शन कीजिए।"

अग्निपथ योजना के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद ने ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। यह जवाब उन्होंने नूपुर शर्मा के बयान के विरोध में उतरे उपद्रवियों और अग्निपथ योजना में हंगामा कर रहे छात्रों से तुलना में उन्हें टैग करने पर दिया है। इसी के साथ वेंकटेश ने एक बड़े ट्रोल हैंडल को भी आईना दिखाया।

खुद को ट्रोल विरोधी बता कर एकतरफा एजेंडा चलाने वाले टीम साथ ऑफिसियल (@TeamSaath) ने 18 जून 2022 को लिखा, “सचिन तेंदुलकर, अक्षय कुमार और साइना नेहवाल की अपार सफलता के बाद भाजपा सरकार ने अब रवीना टंडन और वेंकटेश प्रसाद को नए उद्धारकर्ता के रूप में पेश किया है।” इसके जवाब में वेंकटेश प्रसाद ने लिखा, “तुम्हारा हैंडल ट्रोल और उत्पीड़न के खिलाफ खुद को बताता है न? माफ़ करें, आपके पास कोई चेहरा नहीं है। अगर गलत के खिलाफ आवाज उठाना भाजपा से जुड़ना होता है तो आपके आईक्यू पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।”

टीपू सुल्तान पार्टी के सोशल मीडिया हेड को भी वेंकटेश प्रसाद ने करारा जवाब दिया है। 17 जून, 2022 को साहिल रिज़वी ने लिखा था, “हेलो वेंकटेश प्रसाद। देख तेरे भाईयों ने पूरे देश को आग के हवाले कर दिया। अब बोलना। अब क्यों तेरे मुँह में दही जम गया ? इसी तरह का सवाल विवादित पत्रकार राना अय्यूब ने भी पूछा था। उनका साथ उनकी विचारधारा के अन्य कई लोगों ने दिया था।

इन ट्रॉल्स के उसी दिन दिए गए जवाब में वेंकटेश प्रसाद ने लिखा, “ट्रेनों और बसों को जलाना विरोध करने का कोई भी तरीका नहीं है। अगर आपको कोई दिक्कत है तो शाँतिपूर्वक प्रदर्शन कीजिए। हिंसा कतई न करें। इस तरह के हिंसक कृत्यों में शामिल सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। अब जो नुपुर और दूसरे लोगों को जान से मारने की धमकी मिली है उस पर जो दही जमाए हो उसे पिघला दो।”

गौरतलब है कि वेंकटेश प्रसाद ने कुछ दिनों पूर्व कर्नाटक के बेलगावी में नूपुर शर्मा के पुतले को फाँसी देने की घटना का विरोध 10 जून 2022 को किया था। तब उन्होंने 21वीं सदी में इसे अविश्वसनीय घटना बताया था। इस ट्वीट के बाद न सिर्फ तमाम वामपंथी बल्कि कई चरमपंथी मानसिकता के लोग आए दिन वेंकटेश प्रसाद को सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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