Homeदेश-समाजपति वाजपेयी सरकार में थे मंत्री, रात के वक्त 3 लोग घर में घुसे;...

पति वाजपेयी सरकार में थे मंत्री, रात के वक्त 3 लोग घर में घुसे; तकिए से मुँह दबा कर दी हत्या

"दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री पी रंगराजन कुमारमंगलम की पत्नी किट्टी कुमारमंगलम की वसंत विहार स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई। एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और दो अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।"

पूर्व केंद्रीय मंत्री पीआर कुमारमंगलम की पत्नी किट्टी कुमारमंगलम की दिल्ली के वसंत विहार इलाके में स्थित उनके घर में हत्या कर दी गई। वारदात मंगलवार (6 जून 2021) की रात को घटी। शुरुआती जाँच में पता चला है कि बदमाश लूटपाट के इरादे से उनके घर के अंदर घुसे थे। पुलिस ने कहा है कि तीन बदमाश उनके घर के अंदर घुसे और उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री की पत्नी किट्टी कुमारमंगलम (67) का मुँह तकिए से दबाकर उनकी हत्या कर दी।

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, किट्टी कुमारमंगलम के घर में काम करने वाली मेड ने बताया है कि रात 8.30 बजे धोबी राजू आया था और उसके साथ 2 और लोग थे। उन्होंने किट्टी कुमारमंगलम को बाँध दिया और उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने धोबी को हिरासत में ले लिया है।

आरोपितों ने मेड को भी एक कमरे में बंद कर रखा था। हत्या और लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित जब चले गए तो नौकरानी ने पुलिस को रात 11 बजे इसकी सूचना दी। रिपोर्ट के मुताबिक, किट्टी कुमारमंगलम सर्वोच्च न्यायालय की वकील थीं।

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के डीसीपी ने बताया, “दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री पी रंगराजन कुमारमंगलम की पत्नी किट्टी कुमारमंगलम की कल रात (मंगलवार, 6 जून 2021) वसंत विहार स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई। एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और दो अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।”

पूर्व केंद्रीय मंत्री पीआर कुमारमंगलम पहली बार 1984 में लोक सभा के लिए चुने गए थे। वो नरसिम्हा राव की सरकार में मंत्री थे। बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इसके बाद वे वाजपेयी सरकार के दैरान भी केंद्रीय मंत्री रहे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -