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पश्चिम बंगाल में 4 मंदिरों में तोड़फोड़, मूर्तियों को तोड़ा : एक ही रात में प्लानिंग के तहत किया गया हमला? सड़क पर उतरा हिंदू समुदाय

चारों मंदिरों में एक ही रात में हुआ हमला साफ तौर पर बताता है कि मंदिरों पर हमले पूरी तरह से प्लान करके किए गए थे।

पश्चिम बंगाल में शुक्रवार (17 मई 2024) की रात को एक साथ 4 हिंदू मंदिरों को तहस नहस किया गया। मंदिरों में रखी मूर्तियों को तोड़ डाला गया। ये मंदिर जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी स्थिति खोलई ग्राम में स्थित हैं। जिन मंदिरों को नुकसान पहुँचाया गया, उनमें दो मंदिर काली माता के, एक शिव मंदिर और एक शनि मंदिर है। इन चारों मंदिरों में एक ही रात में हुआ हमला साफ तौर पर बताता है कि मंदिरों पर हमले पूरी तरह से प्लान करके किए गए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन मंदिरों को नुकसान पहुँचाया गया है, उनके नाम है चौपाथी काली माता मंदिर, सत्वेंदि शिव मंदिर, जंगलीबाड़ी काली मंदिर और गोरेरारी शनि मंदिर। इन मंदिरों को नुकसान पहुँचाने की जानकारी शनिवार की सुबह मिली, जिसके बाद पूरे इलाके में हिंदुओं का गुस्सा भड़क उठा। शनिवार (18 मई 2024) को हिंदुओं ने मंदिरों पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने तमाम सड़कों, जिसमें नेशनल हाईवे 27 भी है, को कई जगहों पर जाम कर दिया। इस दौरान शालबारी और पलकटा के साथ ही कई जगहों पर ट्रेन की पटरियों को भी जाम कर दिया गया, वहीं कई रोड क्रॉसिंग भी ब्लॉक कर दी गई।

इस दौरान घटनास्थल की तरफ जा रही पुलिस को भी रास्ते में रोक लिया गया। प्रदर्शन की वजह से कई जगहों पर भयंकर जाम की समस्या भी खड़ी हो गई। इश दौरान खंडबहले के डीएसपी उमेश गनपत ने भारी पुलिस फोर्स के साथ मोर्चा संभाला और स्थिति पर काबू पाया।

इस घटमाक्रम के बाद स्थानीय हिंदुओं ने पंचायत का आयोजन किया, जिसमें स्थानीय संत भी सम्मिलित हुए। हजारों लोगों की उपस्थिति में पुलिस को शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें विश्व हिंदू परिषद और हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

सत्वेंदि शिव मंदिर के सेक्रेटरी ने अपनी शिकायत में कहा कि ये घटनाक्रम 17 और 18 मई की रात का है, जब खलईग्राम में काली माता की मूर्ति को नुकसान पहुँचाया गया, तो सत्वेंदि के शिव मंदिर में भी तोड़फोड़ की गई। इस घटना से हिंदुओं की धार्मिक आस्थाओं को चोट पहुँचाया गया। इस मामले में खलईग्राम काली मंदिर के सचिव ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि 18 मई की सुबह 5 बजे एक स्थानीय व्यक्ति ने इस तोड़फोड़ को देखा। स्थानीय लोगों ने 19 मई 2024 को धूपगुड़ी सब डिवीजन में बंद का आह्वान किया है।

डीएसपी उमेश गणपत ने कहा कि ये घटना अस्वीकार्य है। हम अपराधियों के खिलाफ कड़े उदम उठाएँगे और पुलिस मामले की जाँच कर रही है। उन्होंने लोगों से कानून को अपने हाथों में न लेने की अपील की है।

इस मामले में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी की नीतियों को लेकर हमला बोला। पश्चिम बंगाल बीजेपी ने एक्स पर लिखा, ‘यह हिंसक कृत्य टीएमसी की निरंतर तुष्टिकरण की राजनीति का प्रत्यक्ष परिणाम है, जो हिंदू समुदाय को लगातार खतरे में डालता है। स्थानीय निवासी इस ज़बरदस्त आक्रामकता का उचित विरोध कर रहे हैं। हम तत्काल कार्रवाई की माँग करते हैं।’

विहिप के प्रवक्ता ने कहा, ”पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिला अंतर्गत धुपगुड़ी में कल रात (17-18 मई) कॉलेज के पास चार मंदिरों में हुई तोड़फोड़ की घटना स्थानीय प्रशासन की विफलता की वजह से हुई।’

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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