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समीर शर्मा बन मंदिर में घुसा आस मोहम्मद, चाकू-पिस्टल-ब्लेड कटर मिला: महामंडलेशवर बोले- वह मुझे मार ही देता

गाजियाबाद के ही डासना मंदिर में अगस्त 2021 में सोए हुए साधुओं पर चाकुओं से हमला हुआ था। उससे पहले जून 2021 में इसी मंदिर में हिंदू बनकर घुसे कासिफ और उसके साथी को पकड़ा गया था। इनके पास से सायनाइड और हथियार मिले थे।

गाजियाबाद के मसूरी क्षेत्र के इकला मंदिर से एक संदिग्ध को पकड़ा गया है। उसके पास से पिस्टल, चाकू सहित अन्य धारदार हथियार मिले हैं। संदिग्ध की पहचान आस मोहम्मद के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि वह महामंडलेश्वर स्वामी प्रबुद्ध आनंद गिरि जी की हत्या करने के इरादे से मंदिर में घुसा था।

आरोप है कि आस मोहम्मद अपनी पहचान छिपा कर मंदिर में घुसा था। उसने अपना नाम समीर शर्मा बताया था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। घटना सोमवार (3 अक्टूबर 2022) की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इकला मंदिर में जब आस मोहम्मद घुसा था, उस समय महामंडलेश्वर प्रबुद्ध आनंद गिरी जी भी मंदिर में ही थे। महामंडलेश्वर ने बताया कि आस मोहम्मद अपना नाम समीर शर्मा बताकर मंदिर में आया था। जब सेवादारों ने उसके सामान की जाँच की तो पिस्टल, चाकू और ब्लेड कटर मिला। सेवादारों और महामंडलेश्वर का दावा है कि आस मोहम्मद हत्या करने के मकसद से यहाँ आया था। उसने महामंडलेश्वर की एक लाख रुपए की सुपारी ली थी।

आनंद गिरी जी ने कहा है, “इससे पहले भी मेरी हत्या की साजिश की जा चुकी है। अगर सेवादारों ने उस संदिग्ध को नहीं पकड़ा होता, तो वह मुझे मार ही देता। पुलिस को इस मामले की सही तरीके से जाँच-पड़ताल करनी चाहिए।”

पुलिस ने इस मामले में खुफिया विभाग को भी सूचित कर दिया है। एसपी ग्रामीण ने बताया कि इकला मंदिर में एक संदिग्ध व्यक्ति के पास आपत्तिजनक सामान मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। अभी तक उसके मंदिर में आने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की चेकिंग की जाएगी। बिना चेकिंग के किसी को भी मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि गाजियाबाद के ही डासना मंदिर में अगस्त 2021 में सोए हुए साधुओं पर चाकुओं से हमला हुआ था। उससे पहले जून 2021 में इसी मंदिर में हिंदू बनकर घुसे कासिफ और उसके साथी को पकड़ा गया था। इनके पास से सायनाइड और हथियार मिले थे। इस घटना से ठीक पहले 17 मई 2021 को जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को दिल्ली पुलिस ने पहाड़गंज के एक होटल से दबोचा था। उसके पास से भगवा कपड़ा व पूजा-पाठ की सामग्रियाँ बरामद हुई थी। जम्मू कश्मीर का ये आतंकी महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या की सुपारी लेकर आया था। उसके पास से एक पिस्टल और 2 मैगजीन के अलावा 15 कारतूस भी मिले थे। जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आका आबिद ने उसे ट्रेनिंग देकर भेजा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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