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ये है महिला सशक्तिकरण, ATS की 4 महिलाओं ने वॉन्टेड अपराधी अल्लारखा को धर दबोचा

रात को ही जंगल में पहुँच कर इन महिला अधिकारियों ने सुबह होने का इन्तजार किया और फिर अपराधी पर धावा बोला। अपराधी अल्लारखां अपने पास न तो मोबाइल रखता था और न ही कोई गाड़ी। वह घोड़े का इस्तेमाल करता था।

गुजरात से एक सुखद ख़बर आई है। सौराष्ट्र क्षेत्र में बोटाद ज़िले के जंगलों में घुसकर आतंक रोधी दस्ते ने एक ऐसे खूँखार गैंगस्टर को धर दबोचा, जिसके ऊपर लूट, हत्या और सकरी अधिकारियों पर हमले सहित कई मामलों में वांछित था। एटीएस को काफ़ी दिनों से उसकी तलाश थी। लेकिन इससे भी अच्छी बात यह है कि एटीएस की जिस टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, उसमें चार सदस्य थे। आपको यह जान कर ख़ुशी होगी कि ये चारों ही महिलाएँ हैं। एक फोटो सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल हो रही है जिसमें ये चारों ही महिला अधिकारी खड़ी हैं और पकड़ा गया वॉन्टेड अपराधी नीचे डरा-सहमा बैठा हुआ है। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे महिला सशक्तिकरण की बानगी बताया और उन महिला अधिकारियों की प्रशंसा की।

गिरफ़्तार अपराधी का नाम जुसाब अल्लारखा है। उस पर कई लूट के मामले दर्ज हैं। सरकारी अधिकारियों पर वह कई बार हमले भी कर चुका है। अधिकारियों के अनुसार, जब जूनागढ़ के जंगलों में एटीएस की महिलाओं व इस अपराधी का आमना-सामना हुआ, तो वह थोड़ी देर भी टिक नहीं सका। अपनी जान बचाने के लिए उसने तुरंत ही घुटने टेक दिए। इसके बाद महिला अधिकारियों ने उसे गिरफ़्तार कर लिया। इसे एक बड़ी क़ामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। फिरौती के कई मामलों में शामिल यह अपराधी पुलिस के लिए कई दिनों से सिरदर्द बना हुआ था।

गुजरात एटीएस की जांबाज़ महिला अधिकारीगण और पकड़ा गया अपराधी अल्लारखा

पिछले वर्ष पैरोल पर छूटने के बाद अल्लारखा फरार हो गया था। इसके बाद वह फिर से कई आपराधिक घटनाओं में संलग्न रहा। वह अपराध करने के बाद जंगलों में छुप जाता था। इस कारण पुलिस को भी उसे पकड़ने में ख़ासी मुश्किलें आ रही थीं। इसके बाद यह मामला एटीएस को सौंपा गया, जिसे इन चार महिला अधिकारियों ने बख़ूबी पूरा किया। महिला पीएसआइ की एक टीम को हाल ही में एटीएस में शामिल किया गया है। इनके नाम हैं- संतोजबेन ओडेडरा, नितिमिका गोहिल, अरुणाबेन गामिती और शकुन्तला मल।

ऐसा नहीं था कि यह ऑपरेशन आसान रहा। महिला अधिकारियों को मुखबिरों द्वारा कुछ इनपुट्स मिले थे। मुखबिरों द्वारा बताए गए स्थान तक पहुँचने के लिए चारों महिला अधिकारियों को घने जंगल में लगभग डेढ़ घंटे तक पैदल चलना पड़ा। मुस्तैदी रखने और अपनी उपस्थिति छिपाने के लिए गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया गया। रात को ही जंगल में पहुँच कर इन अधिकारियों ने सुबह होने का इन्तजार किया और फिर अपराधी पर धावा बोला। अपराधी अल्लारखां अपने पास न तो मोबाइल रखता था और न ही कोई गाड़ी। वह घोड़े का इस्तेमाल करता था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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