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भगदड़ में एक की मौत, कई हुए थे घायल: गुजरात HC ने शाहरुख़ खान के खिलाफ FIR रद्द की, ‘रईस’ के प्रमोशन में हुआ था हादसा

इस दौरान शाहरुख़ खान ने न सिर्फ हाथ हिला कर लोगों का अभिवादन किया, बल्कि भीड़ की तरफ टीशर्ट्स और गेंदें भी फेंकी। इसके बाद मची भगदड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा।

फिल्म ‘रईस’ के प्रमोशन के दौरान मचे भगदड़ के मामले में गुजरात उच्च-न्यायालय ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख़ खान खिलाफ दर्ज केस को खारिज कर दिया है। ये भगदड़ पूर्वी गुजरात में स्थित वरोदड़ा के रेलवे स्टेशन पर मची थी। जस्टिस निखिल एस करिएल की बेंच ने ये फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि तब शाहरुख़ खान की तरफ से किए गए कार्यों को लापरवाही या उतावलापन नहीं कहा जा सकता है। ‘रईस’ 25 जनवरी, 2017 को रिलीज हुई थी।

गुजरात हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि शाहरुख़ खान की तरफ से जो भी किया गया, उसे वरोदड़ा रेलवे स्टेशन पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना का सटीक कारण नहीं माना जा सकता। इस मामले में दर्ज की गई FIR में बताया गया था कि शाहरुख़ खान अपनी फिल्म ‘रईस’ के प्रमोशन के लिए मुंबई से दिल्ली ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान जैसे ही ट्रेन वरोदड़ा रेलवे स्टेशन पर रुकी, शाहरुख़ खान को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

इस दौरान शाहरुख़ खान ने न सिर्फ हाथ हिला कर लोगों का अभिवादन किया, बल्कि भीड़ की तरफ टीशर्ट्स और गेंदें भी फेंकी। इसके बाद मची भगदड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा। इस भगदड़ में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, साथ ही कई अन्य घायल भी हुए थे। कार्यक्रम के दौरान एक पुलिसकर्मी बेहोश भी हो गया था। स्थानीय कॉन्ग्रेस नेता जितेंद्र सोलंकी ने इस मामले में FIR दर्ज कराई थी।

शाहरुख़ खान के खिलाफ IPC की धाराओं 336, 337, और 338 के अलावा रेलवेज एक्ट 145, 150, 152, 154 और 155 (1) (a) के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। शाहरुख़ खान ने इसे रद्द करने के लिए गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया और उच्च-न्यायालय ने जुलाई 2017 में इस मामले में कार्रवाई रोक दी। कोर्ट का कहना था कि शाहरुख़ खान के पास कार्यक्रम के लिए प्रशासन की अनुमति थी। हाईकोर्ट का कहना है कि इस घटना के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं था, कई कारण थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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