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गुजरात: प्रॉपर्टी बेचने के लिए फिरोज़ ने छिपाया मजहब, डिस्टर्ब्ड एरिया ऐक्ट के तहत मामला दर्ज

गुजरात में डिस्टर्ब्ड एरिया ऐक्ट के अनुसार अचल संपत्तियों को बिना जिला प्रशासन की अनुमति के दूसरे धर्म के व्यक्ति को बेचा नहीं जा सकता है। यह कानून संबंधित ऐक्ट के तहत आने वाले इलाकों में लागू होता है।

गुजरात के वडोदरा के वासना रोड में अपना धर्म छिपाकर प्रॉपर्टी बेचने के आरोप में फिरोज़ नाम के एक व्यक्ति के खिलाफ डिस्टर्ब्ड एरिया ऐक्ट (Disturbed Areas Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कॉन्ट्रैक्टर फिरोज़ ने अपना धर्म छिपा कर समर्पण सोसाइटी में प्लॉट को फिरोज पटेल, उनकी माँ हनीफा और भाई सबीर पटेल को बेच दिया।

बता दें कि गुजरात में डिस्टर्ब्ड एरिया ऐक्ट के अनुसार अचल संपत्तियों को बिना जिला प्रशासन की अनुमति के दूसरे धर्म के व्यक्ति को बेचा नहीं जा सकता है। यह कानून संबंधित ऐक्ट के तहत आने वाले इलाकों में लागू होता है।

वडोदरा के जेपी रोड पुलिस स्टेशन में रविवार को दर्ज हुई शिकायत के अनुसार आरोपित फिरोज कॉन्ट्रैक्टर ने अपना धर्म छिपाकर और फर्जी दस्तावेज के सहारे संपत्ति बेच दी।

इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हाल ही में हुआ, जब फिरोज पटेल प्रॉपर्टी पर निर्माण कराने लगे। तब जाकर पता चला कि कॉन्ट्रैक्टर ने संपत्ति बेच दी है। इस बात की शिकायत उसी सोसाइटी के प्रेसिडेंट मनीष मल्होत्रा ने पुलिस कमिश्नर से की और केस दर्ज करवाया।

मनीष के अनुसार कॉन्ट्रैक्टर असल में पारसी हैं। फिरोज को प्लॉट बेचने के लिए जिला प्रशासन की अनुमति लेते वक्त उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया था। शिकायत के अनुसार धर्म छिपाकर कॉन्ट्रैक्टर ने यह जताना चाहा कि वे और फिरोज पटेल एक ही धर्म के हैं।

इतना ही नहीं कॉन्ट्रैक्टर पर गलत पता दर्ज कराने का भी आरोप है।उन्होंने अपना पता टंडलजा के तौर पर दर्ज किया जहाँ वो रहता ही नहीं है। उस सोसाइटी में रहने वाले लोगों ने आरोप लगाया कि कॉन्ट्रेक्टर इससे पहले पिछले मालिक दशरथलाल पांचाल से पहले प्लाट खरीद चुका है। कॉन्ट्रैक्टर और पटेल के बीच पिछले साल जून में बिक्री हुई थी। मल्होत्रा ​​ने आरोप लगाया कि कॉन्ट्रैक्टर ने किसी को भी इस डील के बारे में पता नहीं चलने दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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