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90 साल की महिला ने खोडलधाम को दान में दी 43 बीघा जमीन, स्ट्रेचर पर सब रजिस्ट्रार कार्यालय आकर लिखी वसीयत

राजकोट-जूनागढ़ राजमार्ग पर कागावाड़ के पास खोडलधाम लेउवा पाटीदार समुदाय की आस्था का केंद्र है। यहाँ खोडियार माताजी का एक भव्य मंदिर है। अब जामनगर रोड पर अमरेली गाँव के पास शिक्षा और स्वास्थ्य धाम तैयार किया जा रहा है।

गुजरात के राजकोट में एक 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपनी 43.5 बीघा जमीन दान कर की है। बुजुर्ग महिला का नाम नंदूबेन डाह्याभाई पाघडारे है। उन्होंने यह जमीन खोडलधाम ट्रस्ट को दान दी है। वह धोराजी के नानी परबाड़ी गाँव की रहने वाली हैं। सोमवार (5 जून 2023) को नंदूबेन एक स्ट्रेचर पर धोराजी सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुँची और वहाँ उन्होंने खोडलधाम के चेयरमैन नरेश पटेल सहित अन्य अधिकारियों के नाम 43.5 बीघा जमीन की वसीयत लिखी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नंदूबेन की तबीयत बहुत खराब है। वह चल नहीं सकती हैं, इसलिए स्ट्रेचर पर सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुँची और अपनी 43.5 बीघा जमीन खोडलधाम ट्रस्ट के नाम लिख दी। इस मौके पर खोडलधाम धोराजी के समिति सदस्य भी मौजूद थे। खोडलधाम ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेश पटेल ने इतना बड़ा दान करने के लिए नंदूबेन को धन्यवाद दिया। नरेश पटेल के साथ धोराजी उपलेटा के पूर्व विधायक ललित वसोया ने नंदूबेन के परोपकार की सराहना की और इसे लोगों का दिल जीतने वाला कदम बताया।

इसके अलावा खोडलधाम के घोराजी के समिति सदस्यों ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय में उन्हें माताजी की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर वह बेहद खुश दिखाई दीं। उल्लेखनीय है कि नंदूबेन की कोई संतान नहीं है। करीब 20 वर्ष पूर्व उनके पति का निधन हो गया था। तब से वह अपने भाई के घर पर रह रही हैं।

खोडलधाम आस्था का केंद्र

बता दें​ कि राजकोट-जूनागढ़ राजमार्ग पर कागावाड़ के पास खोडलधाम लेउवा पाटीदार समुदाय की आस्था का केंद्र है। भक्ति से एकता की शक्ति के माध्यम से लेउवा पाटीदार समुदाय को एकजुट करने का एक प्रयास है। यहाँ खोडियार माताजी का एक भव्य मंदिर है। अब जामनगर रोड पर अमरेली गाँव के पास शिक्षा और स्वास्थ्य धाम तैयार किया जा रहा है। ऐसे समय में नंदूबेन द्वारा दिया जाने वाला दान खोडलधाम ट्रस्ट के लिए काफी अहम साबित होगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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