Monday, June 17, 2024
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‘हमने धैर्य रखा है, आप भी हद पार न करें’: CM खट्टर ने ‘किसान आंदोलन’ पर दिया सख्ती का संकेत, खुलवाए 3 टोल

“मैं सरकार के मुखिया के नाते इन आंदोलनकारी संगठनों के व्यवहार व कृत्यों को अलोकतांत्रिक बताते हुए उनकी निंदा करता हूँ। अगर वह सीमा से बाहर जाएँगे तो निश्चित रूप से हम कार्रवाई करेंगे। उनसे लिखवाकर लेंगे कि कोई अवांछित गतिविधियाँ भविष्य में नहीं होंगी।"

हरियाणा और दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे कथित किसान आंदोलन पर हरियाणा सरकार ने सख्ती दिखाई है। राज्य सरकार ने अपने हिस्से में आने वाले तीन टोल प्लाजा को खुलवाने की बात बताते हुए कहा कि पंजाब चुनाव में राजनीतिक लाभ पाने के लिए कॉन्ग्रेस ये आंदोलन चलवा रही है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मामले में पत्रकारों से बात करते हुए किसानों को साफ तौर पर कहा, “हमने धैर्य रखा हुआ है। आप भी हद न पार करें।” उन्होंने कहा कि ये आंदोलन कॉन्ग्रेस द्वारा चलाया जा रहा है। साथ ही अपील की कि किसान संगठन कृषि कानूनों को खत्म करने की अपनी जिद्द छोड़कर वार्ता के लिए आगे आएँ। सरकार उनसे बात करने को तैयार है। सीएम ने साफ कहा है कि यदि किसी को आंदोलन करना है तो वह लिखकर दें कि भविष्य में कोई अवांछित गतिविधियाँ नहीं होंगी। यदि वहाँ कानून व्यवस्था की हालत खराब हुई तो इसके जिम्मेदार आंदोलनकारी होंगे।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, “मैं सरकार के मुखिया के नाते इन आंदोलनकारी संगठनों के व्यवहार व कृत्यों को अलोकतांत्रिक बताते हुए उनकी निंदा करता हूँ। अगर वह सीमा से बाहर जाएँगे तो निश्चित रूप से हम कार्रवाई करेंगे। उनसे लिखवाकर लेंगे कि कोई अवांछित गतिविधियाँ भविष्य में नहीं होंगी।” उन्होंने सवाल दागा कि आखिर किस मुख्यमंत्री के कार्यकाल में विरोध की घटनाएँ नहीं हुई।

उन्होंने विभिन्न किसान आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस प्रायोजित यह आंदोलनकारी किसानों का ही नुकसान कर रहे हैं। उन्हें पता भी है कि पुराने कृषि कानून-नियमों का नुकसान है और नए नियमों का फायदा। फिर भी वह जिद पर अड़े हैं। कॉन्ग्रेस अपने फायदे के लिए इन किसान संगठनों का इस्तेमाल कर रही है। अब वहाँ सिर्फ मुट्ठी भर लोग रह गए हैं, लेकिन (सरकार) उन्हें भी अपना मानते हुए बार-बार किसी कठोर कार्रवाई से बच रही हैं। आखिर ऐसा कितने दिन चलेगा।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री खट्टर ने स्पष्ट संदेश दिए हैं कि ये आंदोलन धरनास्थल पर ज्यादा दिन नहीं टिकने दिया जाएगा। उन्होंने मनाली दौरे के दौरान नेशनल हाइवे के बंद टोल प्लाजा को खुलवाने की बाबत केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी से बात की। सीएम ने बताया कि केंद्र सरकार इसे लेकर गंभीर है और जल्द कार्रवाई को अंजाम दे सकती है। हरियाणा सरकार ने एचएसआइआइडीसी के अपने 3 टोल प्लाजा चालू करवा दिए हैं।

उन्होंने ये भी कहा कि किसान एक पवित्र शब्द है, लेकिन आंदोलनकारी किसान शब्द की पवित्रता भंग करने में जुटे हैं। धरनास्थल पर हो रही आपराधिक गतिविधियों की ओर ध्यान दिलाते हुए सीएम ने कहा कि प्रदर्शनस्थलों पर बहन-बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है। मर्डर तक हो चुके हैं। रास्ता खोलने को लेकर स्थानीय लोगों के साथ विवाद बढ़ गए हैं। एक दूसरे के विरोध में भाषाएँ बोली जाने लगी है। आंदोलनकारी यहाँ तक कहते हैं कि सरकार के मंत्रियों-नेताओं को आने-जाने नहीं दिया जाएगा। इसके बावजूद सरकार संयम बरते हुए हैं, लेकिन इसे वह सरकार की कमजोरी समझ रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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