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‘शाहिद अंसारी दोस्तों के साथ आया, जबरन मेरी बेटी ले गया’: हजारीबाग से अगवा हिंदू लड़की बेंगलुरु में मिली, निकाह-धर्मांतरण का आरोप

पुलिस ने बेंगलुरु से लड़की को बरामद किया है। यह जानकारी हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे ने दी है। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि लड़की के हजारीबाग पहुँचने और न्यायालय में उसका बयान दर्ज होने के बाद मामले से जुड़ी अन्य जानकारी साझा की जाएगी।

झारखंड के हजारीबाग से अगवा नाबालिग हिंदू लड़की बेंगलुरु से बरामद हुई है। लड़की की माँ ने जबरन निकाह और धर्मांतरण की नीयत से अपनी बेटी को अगवा करने का आरोप लगाया था।

पीड़ित माँ ने पुलिस को दी शिकायत में शाहिद अंसारी, अरबाज अंसारी और मुस्लिम अंजुमन कमेटी के सदस्य का नाम लिया था। महिला ने कहा था कि 6 महीने पहले उसकी बेटी का अपहरण की धमकी दी थी। पीड़ित माँ के अनुसार, “4 नवंबर 2022 को शाहिद अंसारी अपने दोस्तों के साथ आया और हमको डराने, धमकाने लगा। अरबाज और शाहिद अंसारी जबरन मेरी बेटी को मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गए।” रिपोर्ट के मुताबिक महिला का कहना था कि आरोपित छह महीने से उसकी बेटी को अगवा करने की धमकी दे रहे थे।

पुलिस ने बेंगलुरु से लड़की को बरामद किया है। यह जानकारी हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चौथे ने दी है। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि लड़की के हजारीबाग पहुँचने और न्यायालय में उसका बयान दर्ज होने के बाद मामले से जुड़ी अन्य जानकारी साझा की जाएगी। उन्होंने बताया कि लड़की 6 माह पूर्व भी घर से चली गई थी। थाने में शिकायत के बाद लड़की को वापस लाया गया था। उस समय लड़की ने यह नहीं बताया कि वह किसके साथ गई थी।

वहीं हजारीबाग सदर के भाजपा विधायक मनीष जायसवाल ने राज्य सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय की बहन-बेटियों के साथ लगातार ऐसी घटनाएँ सामने आ रही है। लेकिन सरकार कार्रवाई के नाम पर केवल दिखावा कर रही है। हिंदू संगठनों का कहना है कि लड़की जब तक परिजनों नहीं सौंपी जाती है आमरण अनशन जारी रहेगा। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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