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‘3 महीने नहीं, 3 साल से बम बना रहा था मेरा बेटा युसूफ’: ISIS आतंकी के अब्बू-भाई-बीवी के बाद अब अम्मी आई सामने

उसकी अम्मी का कहना है कि वो हमेशा यूट्यूब वीडियो देखता रहता था और अपने मोबाइल फोन पर ही व्यस्त रहता था। उन्होंने दिल्ली पुलिस के समक्ष हुए पूछताछ में भी बताया है कि युसूफ उर्फ मुस्तकीम यूट्यूब पर भड़काऊ वीडियो देखा करता था और पिछले 3 सालों से बम बनाने के काम में जुटा हुआ था।

दिल्ली से गिरफ्तार ISIS आतंकी अबू युसूफ का उत्तर प्रदेश स्थित बलरामपुर में रहने वाले परिवार के सदस्य एक-एक कर सामने आ रहे हैं और अलग-अलग बातें कर रहे हैं। अब उसकी अम्मी कहकशाँ सामने आई है, जिन्होंने कहा है कि उनके बेटे अबू युसूफ का राम मंदिर से कोई सरोकार नहीं था क्योंकि भूमिपूजन तो 20 दिन पहले ही हुआ है जबकि, अबू युसूफ तो 3 साल से बम बना रहा था।

गौरतलब है कि ISIS आतंकी अबू युसूफ ने खुद स्वीकार किया है कि वो राम मंदिर भूमिपूजन का बदला लेना चाहता था। अब इस खुलासे से स्थानीय पुलिस का सिरदर्द और बढ़ गया है कि वो 3 सालों से बम बना रहा था और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। हालाँकि, अबू युसूफ की अम्मी की मानें तो वो बाबरी मस्जिद के बारे में बातें करते हुए कहता था कि अगर वहाँ मस्जिद बन भी गई तो इबादत करने कौन जाएगा?

उसकी अम्मी का कहना है कि वो हमेशा यूट्यूब वीडियो देखता रहता था और अपने मोबाइल फोन पर ही व्यस्त रहता था। उन्होंने दिल्ली पुलिस के समक्ष हुए पूछताछ में भी बताया है कि युसूफ उर्फ मुस्तकीम यूट्यूब पर भड़काऊ वीडियो देखा करता था और पिछले 3 सालों से बम बनाने के काम में जुटा हुआ था। ISIS आतंकी युसूफ की अम्मी का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि उसके इरादे इतने खतरनाक हो चुके हैं।

अबू युसूफ की अम्मी कहकशाँ ने ये भी बताया कि युसूफ खुद में ही व्यस्त रहता था और किसी से ज्यादा मतलब नहीं रखता था। 2010 में जब वह सऊदी से लौटा था, तभी से वो इसमे कट्ट्टरता की राह पर चल पड़ा था और ISIS के संपर्क में आने लगा था। कहकशाँ ने ये भी बताया कि उसकी इस्लामी कट्टरता के कारण पूरे गाँव ने उससे और उसके परिवार से किनारा कर रहा था।

‘न्यूज़ 18’ की खबर के अनुसार, उसके पड़ोस में रहने वाले एक बुजुर्ग महिला ने भी इस बात की पुष्टि की है कि युसूफ उर्फ मुस्तकीम के परिवार से गाँव के सभी लोगों ने सबंध समाप्त कर लिए थे। शादी-विवाह ये अन्य समारोहों में उन्हें नहीं बुलाया जाता था। उसने कब्रिस्तान में विस्फोटक का ट्रायल भी किया था। उस समय धुएँ के गुबार से आसमान भर गया था, जिससे गाँव में दहशत का माहौल हो गया था।

ज्ञात हो कि इससे पहले उसके परिवार के अन्य लोग भी अलग-अलग किस्म के बयान दे चुके हैं। उसकी बीवी ने कहा कि उसका शौहर लगभग दो साल से थोड़ा-थोड़ा कर के सामान (बारूद) लाता था और एक खाली बक्से में रखता था। उसके अब्बू का कहना है कि उसके बेटे की रीढ़ की हड्डी खिसकी हुई है, जिसका 2 साल से लखनऊ में इलाज चल रहा है। वो मामाँ के बीमार बेटे को देखने लखनऊ गया था।

वहीं उसके भाई ने कहा कि उसे ISIS के झंडे की पहचान नहीं है पर रात को झंडा देखा। काले रंग के झंडे पर सफेद रंग से अरबी में ‘अल्लाह हू अकबर ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुन रसूलुल्लाह‘ लिखा था। आकिब ने बताया कि उसका भाई सऊदी और अन्य जगहों पर रहा था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शुक्रवार देर रात एनकाउंटर के बाद वैश्विक आतंकी संगठन ISIS के अबू यूसुफ खान को गिरफ्तार किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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