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हापुड़ की केमिकल फैक्ट्री में बड़ा विस्फोट, उड़ गई आसपास की इमारतों से छत: 12 की मौत, 21 घायल

धमाके के बाद बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में रखे बारूद में हुआ धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों की छतें तक उड़ गईं। घटना में 12 लोगों की मौत और 21 घायल बताए जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हापुड़ (Hapur) जिले के धौलाना थाना क्षेत्र में स्थित एक अवैध पटाखा (Blast In Cracker Factory) बनाने वाली फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई। जबकि, 21 मजदूर बुरी तरह से घायल हुए हैं। इनकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है। इन मौतों की पुष्टि मेरठ जोन के एडीजी राजीव सभरवाल ने की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, फैक्ट्री में रखे बारूद में हुआ धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों की छतें तक उड़ गईं। बताया जाता है कि इस अवैध फैक्ट्री में प्लास्टिक की बंदूक और उसमें इस्तेमाल के लिए बारूद बनाया जाता था।

इस घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। पीएमओ ने ट्वीट किया, “उत्तर प्रदेश के हापुड़ की केमिकल फैक्ट्री में हुआ हादसा हृदयविदारक है। इसमें जिन लोगों को जान गँवानी पड़ी है, उनके परिजनों के प्रति मैं अपनी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ। घायलों के इलाज और दूसरी हर संभव सहायता में राज्य सरकार तत्परता से जुटी है।”

वहीं राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस घटना पर संवेदना जाहिर की है। उन्होंने ट्वीट किया, “जनपद हापुड़ स्थित फैक्ट्री में बॉयलर फटने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हुई जनहानि अत्यंत हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएँ शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। संबंधित अधिकारियों को त्वरित गति से राहत-बचाव कार्य संचालित करने एवं घायलों का समुचित उपचार कराने हेतु निर्देश दिए गए हैं।”

इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने का लिया था लाइसेंस

जिस कंपनी में ये धमाका हुआ है, उसके पास पटाखा बनाने का लाइसेंस ही नहीं था। उक्त कंपनी ने इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने के लिए लाइसेंस लिया था। लेकिन उसकी आड़ में वो पटाखा फैक्ट्री चला रही थी। इस घटना को लेकर आईजी प्रवीण कुमार ने कहा कि शर्तों के उल्लंघन मामले की जाँच की जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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