Homeदेश-समाज'हिंदुस्तानी भाऊ' को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया: छात्रों को भड़काने...

‘हिंदुस्तानी भाऊ’ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया: छात्रों को भड़काने का आरोप, महाराष्ट्र पुलिस ने किया था गिरफ्तार

पुलिस ने उनके खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम 1984 की धारा 3 (नुकसान पहुंचाना) के तहत भी मामला दर्ज किया है।

महाराष्ट्र (Maharashtra) में ऑनलाइन परीक्षा के लिए 10वीं और 12वीं के छात्रों को भड़काने के मामले में गिरफ्तार किए गए यूट्यूबर (You Tuber) विकास फाटक उर्फ हिंदुस्तानी भाऊ (Vikas Fhatak alias Hindustani Bhau) को शनिवार (5 फरवरी 2022) की दोपहर को बांद्रा में मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

हिंदुस्तानी भाऊ (41) को जेल से बाहर निकालने के लिए उनके वकील महेश मुले ने जमानत के लिए मजिस्ट्रेट कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसकी सुनवाई सोमवार को तय की गई है। लेकिन तब तक फाटक को जेल में रहना पड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि हिंदुस्तानी भाऊ के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 353, 332, 427, 109 और 114, 143, 145, 146, 149 गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने और दंगों के लिए उकसाने के अलावा महामारी एक्ट 188, 269, 270 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने उनके खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम 1984 की धारा 3 (नुकसान पहुँचाना) के तहत भी मामला दर्ज किया है।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि कोरोना के दौरान सरकार ने सभी तरह की परीक्षाओं को ऑनलाइन कर दिया था। लेकिन अब जब हालात सामान्य हो रहे हैं तो महाराष्ट्र सरकार का प्रस्ताव है कि कॉलेज में ही परीक्षाएँ आयोजित की जाएँ। लेकिन, 10वीं और 12वीं के छात्र इसका विरोध कर रहे हैं। सोमवार (31 जनवरी, 2022) को धारावी में शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ के घर के बाहर जमा हुए छात्रों ने जमकर हंगामा किया। उस दौरान करीब 1000 से 1500 छात्र मंत्री के घर के आसपास इकट्ठे हुए थे। बाद में पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज भी किया।

इस मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर यूट्यूबर ‘हिंदुस्तानी भाऊ’ का नाम सामने आया। जिसके बाद एक्शन लेते हुए महाराष्ट्र पुलिस ने विकास पाठक को गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, बुधवार (2 फरवरी 2022) को कोर्ट में विकास पाठक ने बिना शर्त माफी भी माँग ली थी। पाठक के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि कारण सही था, लेकिन इसका दुरुपयोग करते हुए प्रदर्शन को दंगे में बदल दिया गया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हिंदू बन लॉरा फ्रांसिस ने मंदिर में किया विवाह, फिर भी तमिलनाडु सरकार ने गर्भगृह में पूजा से रोका: हाई कोर्ट ने दिया अधिकार,...

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि विदेशी नाम या नागरिकता से हिंदू पहचान तय नहीं होती। अमेरिकी महिला को मंदिर में पूजा और प्रवेश का पूरा अधिकार मिला।

‘तमिलनाडु को अलग देश होना चाहिए’: मद्रास HC ने कहा- यह देशद्रोह नहीं, आज के दौर में ऐसा बयान देश/सरकार के खिलाफ नफरत फैलाना...

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि देशद्रोह के आरोपों की समीक्षा हमेशा वर्तमान सामाजिक ताने-बाने और माहौल को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए।
- विज्ञापन -