Homeदेश-समाजसंपर्क क्रांति एक्सप्रेस की AC बोगी से मिला IED बम, समस्तीपुर में टला बड़ा...

संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की AC बोगी से मिला IED बम, समस्तीपुर में टला बड़ा हादसा: रिपोर्ट; अग्निपथ पर हुआ था उपद्रव

खबर में बताया गया है कि ये बम इतना शक्तिशाली है कि विस्फोट होता तो न सिर्फ पूरी की पूरी ट्रेन उड़ जाती, बल्कि स्टेशन के आसपास के सारे घर भी क्षतिग्रस्त हो जाते।

बिहार के समस्तीपुर में संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन की बोगी से IED बम बरामद हुआ है। याद हो कि ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा करते हुए यहाँ उपद्रवियों ने ट्रेन फूँक डाली थी। अब जाँच के दौरान ट्रेन की ऐसी कोच से IED बम बरामद होने से हड़कंप मच गया है। पुलिस को आशंका है कि ‘अग्निपथ’ के विरोध की आड़ में इस खतरनाक बम के जरिए पूरे शहर को दहलाने की बड़ी साजिश रची गई थी।

अब इस मामले की उच्च-स्तरीय जाँच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक हृदयकांत ने जानकारी दी है कि जाँच पूरी होने के बाद ही बताया जा सकता है कि उक्त सामग्री विस्फोटक है या कुछ और। उन्होंने इसे सिर्फ ‘सामग्री’ बताया। इस पर रेल थाने की पुलिस और RPF भी कुछ भी बोलने से परहेज कर रही है। हालाँकि, ‘ लाइव हिंदुस्तान’ ने अपनी खबर में इसके IED विस्फोटक होने की बात कही है। समस्तीपुर में बिहार के बाक़ी इलाकों की तरह ‘अग्निपथ’ के विरोध में अराजकता फैलाई गई थी।

उपद्रवियों ने मोहिउद्दीननगर में लोहित एक्सप्रेस और समस्तीपुर में आउटर पर खड़ी बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में जम कर तोड़फोड़ और लूटपाट तो मचाई ही थी, साथ ही इसे आग के हवाले भी कर डाला था। बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन की जिन बोगियों को उपद्रवियों ने जला दिया था, उसी की बगल वाली एक वसी बोगी से बम बरामद हुआ है। जाँच के दौरान इस बम को आरपीएफ के हवाले कर दिया गया था। उस कोच को आग से बचाने के लिए जवानों और कुछ स्थानीय लोगों ने मिल कर जलती बोगियों से अलग किया था।

खबर में बताया गया है कि ये बम इतना शक्तिशाली है कि विस्फोट होता तो न सिर्फ पूरी की पूरी ट्रेन उड़ जाती, बल्कि स्टेशन के आसपास के सारे घर भी क्षतिग्रस्त हो जाते। इसे संयोग ही बताया जा रहा है कि बम विस्फोट में उपद्रवी सफल नहीं हो पाए। समस्तीपुर के खेल मैदान में इस उपद्रव से एक दिन पहले साजिश के लिए बैठक भी हुई थी। इसमें ही पूरी योजना तैयार की गई थी। बिहार में तमाम कोचिंग संचालकों पर भी शक की सूई घूम रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुफ्त इलाज का ढकोसला और महँगे मेडिकल बिल: कहाँ खर्च हो रहा है आम आदमी का पैसा?

सरकार ने उन दवाओं को इस प्राइस कंट्रोल से बाहर रखा है जिन्हें कंपनियाँ 'पेशेंट असिस्टेंस प्रोग्राम' (PAPs) के तहत भारी छूट पर देती हैं।

आर्कबिशप पीटर मचाडो कौन हैं, जो चाहता है धर्मांतरण विरोधी कानून और गोहत्या कानून में बदलाव: कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से क्या...

आर्कबिशप की कॉन्ग्रेस अध्यक्ष खड़गे से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। बैंगलुरु में हुई इस मुलाकात के बाद आर्कबिशप ने खुद अपनी माँगों को सार्वजनिक किया।
- विज्ञापन -