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‘अपनी सेहत का ध्यान रखो…’: इतना कहा और मंच पर ही गिर कर हो गई IIT कानपुर के सीनियर प्रोफेसर की मौत

कानपुर आईआईटी के सीनियर प्रोफेसर समीर खांडेकर की मौत हो गई है। वो पूर्व छात्रों से जुड़े एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, उसी दौरान हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। उनके आखिरी शब्द थे, "अपनी सेहत का ध्यान रखो...।" उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ पता चला कि उनकी मौत अस्पताल पहुँचने से पहले ही हो चुकी थी।

सेहत के बारे में अपने छात्रों को बताने के दौरान ही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT, Kanpur) के सीनियर प्रोफेसर समीर खांडेकर की हार्ट से मौत हो गई। जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय वे पूर्व छात्रों से जुड़े एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उनके आखिरी शब्द थे, “अपनी सेहत का ध्यान रखें…।” संबोधन के दौरान ही स्टेज पर गिरने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ पता चला कि उनकी मौत हो चुकी थी। समीर खांडेकर वरिष्ठ वैज्ञानिक थे और उनके नाम पर 8 पेटेंट भी दर्ज हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पोफेसर समीर खांडेकर आईआईटी कानपुर में सीनियर प्रोफेसर के साथ-साथ स्टूडेंट वेलफेयर के डीन भी थे। आईआईटी कानपुर में एलुमनाई मीट का कार्यक्रम रखा गया था। इस कार्यक्रम में आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र आए हुए थे। उसी कार्यक्रम को संबोधित करते समय वो अच्छी सेहत को लेकर अपनी बात रख रहे थे। उन्होंने जैसे ही कहा कि ‘अपनी सेहत का ध्यान रखें…’, उसके बाद वे वहीं बैठ गए।

अचानक तेज दर्द उन्हें दर्द उठा तो लोग कुछ समझ नहीं पाए। सभी को लगा कि वो भावुक हो गए हैं, लेकिन इसके बाद वो गिर पड़े और कुछ ही पलों में उनकी मौत हो गई। 55 वर्षीय प्रोफेसर की मौत के बाद उनके शव को आईआईटी हेल्थ सेंटर में ही रखा गया है। उनका बेटा कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करता है। उसकी वापसी की राह देखी जा रही है।

समीर खांडेकर का जन्म मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था। उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी और एक बेटा है। रिपोर्ट्स के मताबिक, उन्होंने अपनी शिक्षा आईआईटी कानपुर से ही प्राप्त की थी। इसके बाद वो विदेश चले गए। जर्मनी के विश्वविद्यालय में उन्होंने पीएचडी पूरी की और साल 2004 से ही आईआईटी कानपुर में पढ़ाने लगे। उन्होंने आईआईटी कानपुर में कई अहम जिम्मेदारियों को सँभाला था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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