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शकीदुल, दुलाल अख्तर, सद्दाम हुसैन… ‘किन्नर’ बन दिल्ली में छिपे थे बांग्लादेशी घुसपैठिए, 7 दिनों की निगरानी के बाद पुलिस ने दबोचा: IMO ऐप का कर रहे थे इस्तेमाल

जाँच में खुलासा हुआ है कि ये लोग अपने असली पहचान को छुपाने के लिए ट्रांसजेंडर का रूप धारण कर भीख माँगने और अन्य गतिविधियों में संलिप्त थे।

दिल्ली के जहाँगीर पुरी में पुलिस ने सनसनीखेज तरीके से पाँच अवैध बांग्लादेशियों को धर दबोचा। ये लोग कोई साधारण घुसपैठिए नहीं हैं, बल्कि इन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए ट्रांसजेंडर का रूप धारण कर रखा था। पकड़े गए लोगों ने हार्मोनल इंजेक्शन और सर्जरी तक करा डाली थी, ताकि उन पर शक न किया जा सके। हालाँकि दिल्ली पुलिस ने उन्हें धर दबोचा और अब इन बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस डिपोर्ट करने की तैयारी चल रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने सात दिन की कड़ी रेकी और तकनीकी जाँच के बाद सोमवार (7 अप्रैल 2025) की सुबह जाल बिछाया। जिसमें जहाँगीर पुरी मेट्रो स्टेशन के पास से मो. शकीदुल (24, शेरपुर), मो. दुलाल अख्तर उर्फ हज़ेरा बीबी (36, जमालपुर), मो. आमिरुल इस्लाम उर्फ मोनिका (31, ढाका), मो. माहिर उर्फ माहि (22, टांगाइल) और सद्दाम हुसैन उर्फ रुबीना (30, दिनाजपुर) को पकड़ा गया। बांग्लादेशी घुसपैठियों के पास से सात मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें प्रतिबंधित IMO ऐप इंस्टॉल था। इस ऐप से ये बांग्लादेश में अपने परिवार से गुपचुप बात करते थे।

जानकारी के मुताबिक, एजेंटों की मदद से ये लोग भारत में घुसे थे। भारत में अवैध तरीके से रहते हुए वो पकड़े न जाएँ, इसके लिए उन्होंने हार्मोनल इंजेक्शन से लेकर सर्जरी तक का सहारा लिया और ट्रांसजेंडर बन कर जिंदगी काट रहे थे। पुलिस को पता चला कि ये लोग ट्रेनों के जरिए दिल्ली पहुँचे और भीख माँगने जैसी गतिविधियों में लिप्त थे।

इस पूरे मामले में बड़ा सवाल ये भी है कि क्या सिर्फ जीवन यापन के लिए इन घुसपैठियों ने ट्रांसजेंडर बनने जैसा कदम उठाया, या इसके पीछे कोई और मोटिव भी था? बहरहाल, दिल्ली पुलिस अब इनकी मंशा खंगाल रही है। पकड़े गए सभी आरोपितों को आरके पुरम के एफआरआरओ को सौंप दिया गया है और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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