बांग्लादेश ने भारतीय अधिकारियों के साथ सहयोग करने में अनिच्छा दिखाई है। ऐसे में भारतीय अधिकारियों के पास क्या विकल्प बचते हैं? घुसपैठियों के मामले वर्षों से लंबित हैं।
जो बांग्लादेशी घुसपैठिए खुद कबूल कर रहे हैं कि वह अवैध रूप से भारत में घुसे। लेकिन यह वो बात है जिसे अल जजीरा, स्क्रॉल और द वायर जैसे मीडिया संस्थान जानबूझकर पर्दे के पीछे रखते हैं।