बांग्लादेश ने भारतीय अधिकारियों के साथ सहयोग करने में अनिच्छा दिखाई है। ऐसे में भारतीय अधिकारियों के पास क्या विकल्प बचते हैं? घुसपैठियों के मामले वर्षों से लंबित हैं।
जो बांग्लादेशी घुसपैठिए खुद कबूल कर रहे हैं कि वह अवैध रूप से भारत में घुसे। लेकिन यह वो बात है जिसे अल जजीरा, स्क्रॉल और द वायर जैसे मीडिया संस्थान जानबूझकर पर्दे के पीछे रखते हैं।
बंगाल में TMC सरकार में पिछले 15 सालों तक घुसपैठ के मुद्दे को नकारा लेकिन शुभेंदु सरकार की सख्त कार्रवाई से जो घुसपैठियों की तस्वीरें सामने आईं, उसने सवाल खड़े कर दिए।