Homeदेश-समाजकुशीनगर के मस्जिद में धमाका: इमाम ने ही रखा था विस्फोटक, 4 गिरफ्तार

कुशीनगर के मस्जिद में धमाका: इमाम ने ही रखा था विस्फोटक, 4 गिरफ्तार

धमाका इतना शक्तिशाली था कि मस्जिद की खिड़कियों और दरवाज़े के परखच्चे उड़ गए। यही नहीं, मस्जिद की छत भी चटक गई। पुलिस को तभी शक हो गया था कि ऐसा धमाका किसी इन्वर्टर जैसी घरेलू चीज़ से नहीं, केवल विस्फोटक से ही हो सकता है।

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक मस्जिद में हुए धमाके के मामले में पुलिस ने चार लोगों हिरासत में लिया है। मीडिया खबरों में बताया जा रहा है कि उन चार लोगों में से एक इमाम भी है और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। धमाका कुशीनगर के तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के अवरवा सोफीगंज गांव में बैरागीपट्टी टोला स्थित मस्जिद में हुआ था

मीडिया खबरों के मुताबिक इमाम अज़्मुद्दीन रिज़वी नामक मौलवी ने मस्जिद में विस्फोटक पदार्थ रखे जाने की बात कबूल की है। लेकिन न ही उसने किसी उद्देश्य का खुलासा किया है और न ही अब तक की जाँच में पुलिस को कोई इरादा समझ में आया है।

सोमवार (11 नवंबर, 2019) को हुए इस धमाके का कारण पहले एक इन्वर्टर बैट्री में धमाका बताया गया था, जिस कारण से मामले ने मीडिया में अधिक तूल नहीं पकड़ा। लेकिन पुलिस ने धमाके की साइट से फोरेंसिक सैम्पलों को जाँच के लिए भेजा तो साफ हो गया कि धमाका मस्जिद में रखे गए विस्फोटकों से ही हुआ है।

इसके बाद गोरखपुर एटीएस, लोकल इंटेलिजेंस यूनिट और अन्य इंटेलिजेंस एजेंसियों ने मामले की गंभीर पड़ताल शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में इमाम अज़्मुद्दीन को साथियों इज़हार, आशिक और जावेद समेत हिरासत में ले लिया। कुशीनगर के एसपी विनोद कुमार मिश्रा के हवाले से टाइम्स नाउ ने दावा किया है कि यह सभी बैरागीपट्टी के ही रहने वाले हैं।

धमाका इतना शक्तिशाली था कि मस्जिद की खिड़कियों और दरवाज़े के परखच्चे उड़ गए। यही नहीं, मस्जिद की छत भी चटक गई। पुलिस को तभी शक हो गया था कि ऐसा धमाका किसी इन्वर्टर जैसी घरेलू चीज़ से नहीं, केवल विस्फोटक से ही हो सकता है।

इसके अलावा एसओ संजय कुमार को धमाके का कारण बैटरी बताए जाने के बावजूद जाँच में मस्जिद में लगी बैटरी सही-सलामत मिली। उसी रात गोरखपुर से पहुँचे बीडीडीएस (बम निरोधक दस्ता) के दल ने मौके का निरीक्षण किया। धमाके के चलते पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल हो गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से बनाई दूरी, CJP में फूट के बाद क्या अब आंदोलन की उलटी गिनती हो...

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर छात्र आंदोलन बंटता हुआ दिख रहा है। जहाँ सोनम वांगचुक ने इसे अपनी शर्तों में तरजीह नहीं दी है वहीँ सीजेपी की यह पहली शर्त है।

रवीश कुमार तुम ही पत्रकारों की पिटाई के जिम्मेदार हो, खुद ‘गोदी’ में बैठ करते रहे पत्रकारिता… अब चला रहे ‘गोदी मीडिया’ वाला प्रोपेगेंडा

रवीश कुमार की मौकापरस्ती सिर्फ एक व्यक्ति का पतन नहीं है, बल्कि यह उस विचार का पतन है जो खुद को 'पत्रकार' कहकर जनता को गुमराह करता रहा है।
- विज्ञापन -