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हिंदुओं का धार्मिक जुलूस जाता देख भड़के नमाजी, बवाल में घरों-दुकानों में तोड़-फोड़: बंगाल के मालदा में हिंसा के बाद सुरक्षाबल तैनात, 34 उपद्रवी गिरफ्तार

दरअसल, 26 मार्च को मोथाबाड़ी मस्जिद में नमाज हो रही थी। इस दौरान वहाँ से हिंदुओं का एक धार्मिक जुलूस गुजर रहा था। जुलूस में लोग जयकारे लगाते जा रहे थे। इससे मुस्लिम नाराज हो गए और उन्होंने वहाँ से गुजरने एवं जयकारे लगाने का विरोध किया। बाद में भीड़ उग्र हो गई और कई हिंदुओं के घरों, दुकानों और गाड़ियों को लूटकर उनमें तोड़फोड़ एवं आगजनी की।

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मोथाबाड़ी में 27 मार्च को हुई सांप्रदायिक हिंसा में पुलिस ने 34 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने इलाके में इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। इसके साथ रैपिड एक्शन फोर्स की तीन कंपनियों को तैनात किया गया है। दरअसल, 28 मार्च को भाजपा ने आरोप लगाया था कि मोथाबाड़ी में हिंदुओं के घरों एवं दुकानों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है।

इसको लेकर भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस को पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने राज्य सरकार को निर्देश देने की माँग की थी कि मोथाबारी क्षेत्र में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए CAPF (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) की तैनाती की जाए। सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि इलाके में हिंदुओं को खतरा बढ़ता जा रहा है और उनकी सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।

ईद की नमाज और त्योहार को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में धारा 144 नहीं लागू की है। उधर, कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार (28 मार्च) को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक (SP) से इस मामले में 3 अप्रैल तक एक्शन रिपोर्ट माँगी है। कोर्ट ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यह अपेक्षा की जाती है कि सरकार को हिंसा से प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।

मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि 26 मार्च को मोथाबाड़ी मस्जिद में नमाज हो रही थी। इस दौरान वहाँ से हिंदुओं का एक धार्मिक जुलूस गुजर रहा था। जुलूस में लोग जयकारे लगाते जा रहे थे। इससे मुस्लिम नाराज हो गए और उन्होंने वहाँ से गुजरने एवं जयकारे लगाने का विरोध किया। बाद में भीड़ उग्र हो गई और कई हिंदुओं के घरों, दुकानों और गाड़ियों को लूटकर उनमें तोड़फोड़ एवं आगजनी की।

इसके बाद अगले दिन शुक्रवार को हिंदू पक्ष ने हिंसा के विरोध में प्रदर्शन किया। जिले के इंग्लिश बाजार थाना इलाके के बाँधापुकुर मोड़ पर काफी संख्या में लोग पहुँचे और सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने भीड़ को जबरन हटाने की कोशिश की तो भीड़ उग्र हो गई। इस दौरान पुलिस ने भीड़ पर लाठी चार्ज किया और आँसू गैस के गोले दागे। इसके बाद भीड़ नियंत्रित हुई।

पुलिस महानिरीक्षक राजेश यादव का कहना है कि राज्य सशस्त्र पुलिस और RAF की तीन कंपनियों को कालियाचक ब्लॉक के संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। मालदा पुलिस का कहना है कि इस हिंसा को लेकर अब तक छह मामले दर्ज किए गए हैं और कुल 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य लोगों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस मामले को भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने 28 मार्च को उठाया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कुछ वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने आरोप लगाया था कि मोथाबाड़ी में हिंदू व्यापारियों की दुकानों को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, केंद्रीय शिक्षा एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास राज्यमंत्री डॉक्टर सुकांत मजूमदार ने भी हिंसा से संबंधित कई वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया थ।

सुकांत मजूमदार ने वीडियो शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था, “दक्षिण मालदा के मोथाबाड़ी से भयावह दृश्य– हिंदू घरों और दुकानों को हिंसक भीड़ द्वारा तोड़ा गया। ममता बनर्जी और उनकी मूकदर्शक बंगाल पुलिस क्या कर रहे हैं? चुप्पी। यह उनकी बेशर्म तुष्टीकरण राजनीति की कीमत है- कानूनहीनता, भय और हिंदुओं के साथ अन्याय!”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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