Homeदेश-समाज'दाढ़ी कटा...भाजपा के मुखबिर' : BJP के मुस्लिम नेता को कट्टरपंथियों ने पीटा, मार-मार...

‘दाढ़ी कटा…भाजपा के मुखबिर’ : BJP के मुस्लिम नेता को कट्टरपंथियों ने पीटा, मार-मार कर उंगली तोड़ी

भाजपा नेता मलिक फैसल ने आरोप लगाया है कि उनके बीजेपी से जुड़े होने के कारण उनके समुदाय के लोग उनसे नाराज थे। सबको उनका पार्टी में रहना खटकता था। इसी कारण उन्होंने मलिक को जमकर पीटा गया।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े एक मुस्लिम नेता को उन्हीं के समुदाय के लोगों द्वारा पीटे जाने की खबर आई है। पीड़ित नेता का नाम फैसल मलिक है। मलिक ने अपने साथ हुई हिंसा की शिकायत पुलिस को दी है। उनकी तहरीर पर चार लोगों के विरुद्ध केस दर्ज हुआ है।

जानकारी के मुताबिक, कानपुर में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा छावनी मंडल के कोषाध्यक्ष फैसल ने आरोप लगाया है कि उनके बीजेपी से जुड़े होने के कारण उनके समुदाय के लोग उनसे नाराज थे। सबको उनका पार्टी में रहना खटकता था। इसी कारण उन्होंने मलिक को जमकर पीटा और उन्हें धमकी दी कि वो अपने दाढ़ी को कटा लें।

फैसल की हाथ में पट्टी बाँधे एक वीडियो भी सामने आई है। इस वीडियो को शेयर करते हुए न्यूज नेशन पत्रकार अमित सिंह ने बताया कि फैसल ने दावा किया है कि मुस्लिम दबंगों ने उन्हें इसलिए मारा क्योंकि वे मुस्लिम होकर भाजपा से जुड़े। इतना ही नहीं दबंगों ने उन्हें भाजपा का मुखबिर भी कहा।

फैसल का पूछना है कि क्या दाढ़ी रखकर भाजपा में शामिल होना गुनाह है। अगर हाँ, तो पार्टी उन्हें निकाल दे। लेकिन अगर ऐसा नहीं है तो उन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए जिन्होंने उन्हें पीटा। उनका आरोप है कि उनसे मारपीट के वक्त दबंगों ने उनकी उंगली तोड़ दी। वहीं पुलिस ने इस शिकायत के मिलने के बाद रेल बाजार थाना में चार लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 324, 504, 506 के तहत केस को दर्ज किया है।

जी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, एसपी ने इस मामले पर जानकारी दी कि फैसल मलिक आजाद पार्क के पास रहते हैं। वहीं उन्होंने घास लगाई थी जहाँ कुछ लोग फुटबॉल खेलने आए। जब फैसल ने उनका विरोध किया तो उनसे मारपीट की गई। अब शिकायत के आधार पर चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जाँच के बाद तथ्य सामने आएँगे उन्हें जाँच में शामिल करके कार्रवाई की जाएगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

न कोई बड़ा नाम, न कोई पहचान … फिर भी लोकसभा की 5वीं सबसे बड़ी पार्टी बन गई NCPI, उस दल के बारे में...

लोकसभा में 19-20 सांसदों के साथ एनसीपीआई अचानक पाँचवीं सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। इससे वह एनडीए के भीतर भी एक महत्वपूर्ण सहयोगी बनकर उभरी है।

स्टैंडअप शो में बढ़ती अभद्र भाषा पर बहस तेज, प्रणित मोरे और मधुर विर्ली के वीडियो वायरल: क्या खुद दर्शक ही दे रहे ऐसे...

कॉमेडी इंडस्ट्री के विवादों में अभद्र कंटेंट कैसे फेम दिलाता है? समाज की भूमिका क्या है और क्या हम इसे सपोर्ट कर रहे हैं?
- विज्ञापन -