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हिन्दू महिला और मुस्लिम प्रोफेसर को OYO होटल ने नहीं दिया रूम, कहा – ‘अलग-अलग धर्म के हो’: मीडिया रिपोर्ट्स

होटल के मैनेजर गोवर्धन सिंह ने कहा कि अलग-अलग धर्मों से ताल्लुक रखने वाले जोड़ों को होटल में चेक-इन न करने देना होटल की पॉलिसी है और साथ ही यह स्थानीय पुलिस की हिदायतों के अनुरूप है।

जयपुर के एक होटल ने एक जोड़े को रूम देने से सिर्फ़ इसीलिए मना कर दिया क्योंकि वो दोनों अलग-अलग धर्म से ताल्लुक रखते हैं। उक्त पुरुष मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखता है तो महिला हिन्दू है। जयपुर के होटल ने दोनों का धर्म अलग-अलग होने पर आपत्ति जताई। होटल के रिसेप्शन पर दोनों को कहा गया कि उन्हें चेक-इन नहीं करने दिया जाएगा लेकिन क्योंकि दोनों अलग-अलग धर्म से हैं।

शनिवार (अक्टूबर 5, 2019) को ये घटना हुई जब उदयपुर के एक असिस्टेंट प्रोफ़ेसर ‘ओयो’ के सिल्वरकी होटल में चेक-इन करने की कोशिश की। होटल ने कहा कि वो जयपुर पुलिस द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का अनुसरण करते हुए ऐसा कर रहे हैं। हालाँकि, होटल के अधिकारियों ने लिखित में ये सूचना देने से इनकार कर दिया।

होटल के मैनेजर गोवर्धन सिंह ने कहा कि अलग-अलग धर्मों से ताल्लुक रखने वाले जोड़ों को होटल में चेक-इन न करने देना होटल की पॉलिसी है और साथ ही यह स्थानीय पुलिस की हिदायतों के अनुरूप है। असिस्टेंट प्रोफेसर ने कहा कि सरकार द्वारा ऐसा कोई भी नियम नहीं बनाया गया है और होटल या ओयो की वेबसाइट पर कहीं भी इसका जिक्र नहीं है। प्रोफेसर ने ओयो की वेबसाइट पर इस बात की शिकायत की।

इसके बाद ओयो ने उनका रुपया रिफंड किया और फिर उन्हें शहर के एक अन्य होटल में मुफ़्त कमरा उपलब्ध कराया। महिला ने कहा कि वह असिस्टेंट प्रोफेसर को एक दशक से जानती हैं और कभी भी उनके बीच धर्म आड़े नहीं आया। उन्होंने कहा कि जोड़े में अगर हिन्दू और सिख होते तो शायद होटल उन्हें अनुमति दे देता।

जयपुर के पुलिस कमिश्नर ने कहा कि पुलिस ने ऐसा कोई भी आदेश नहीं दिया है, जिसमें होटलों को हिन्दू-मुस्लिम कपल को न रखने को कहा गया हो। उन्होंने कहा कि होटल ने पुलिस का नाम लेकर झूठ बोला है। वहीं ओयो ने कहा कि यह उसके सिद्धांतों के ख़िलाफ़ है और इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।

सामान्यतः होटलों में अविवाहित जोड़ों को एक साथ कमरा नहीं दिया जाता है। और ग्राहकों को चिड़चिड़ा बना देने की हद तक उनसे आईडी और तमाम तरह की चीजें माँगी जाती हैं। यह कोई कानूनी व्यवस्था नहीं है लेकिन स्थानीय दादा/गुंडे/नेता इन मामलों के तिल का ताड़ बना देते हैं, इस कारण से होटल मैनेजमेंट अविवाहित जोड़ों को कमरा देने से इनकार करने का हर संभव प्रयास करते हैं। जैसा कि इस मामले में मीडिया रिपोर्ट बता रही है कि इस जोड़े को हिंदू-मुस्लिम के कारण कमरा नहीं दिया गया, यह बहुत तार्किक नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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