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कश्मीर के 106 साल पुराने शिव मंदिर में लगी आग, दूर तक दिखी लपटें: सेना ने 3 साल पहले कराया था जीर्णोद्धार, देखिए Video

महारानी मंदिर का निर्माण महाराजा हरि सिंह की पत्नी मोहिनी बाई सिसोदिया ने 1915 में करवाया था। यह मंदिर जम्मू-कश्मीर के डोगरा राजाओं का है। यह धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा नियंत्रित मंदिरों में से एक है और इसका प्रबंधन तत्कालीन शाही परिवार द्वारा किया जाता है।

जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में प्राचीन शिव मंदिर में 5 जून 2024 (बुधवार) की रात को आग लगने की घटना सामने आई है। ये मंदिर रानी का मंदिर या मोहिनेश्वर शिवालय के नाम से जाना जाता है। सामने आई तस्वीरों में मंदिर में लगी आग की लपटों को देखा जा सकता है।

पत्रकार आदित्य पाज कौल ने इसकी तस्वीरें भी साझा की हैं। उन्होंने फोटो शेयर करते हुए लिखा- “कश्मीर के गुलमर्ग से दिल दहलाने वाली खबर आ रही है। वहाँ ऐतिहासिक महारानी मंदिर में रात में भीषण आग गई। आपको याद होगा राजेश खन्ना और मुमताज का जय-जय शिव शंकर गाना, वो इसी मंदिर के पास फिलमाया गया था। ये बहुत दुखद है।”

जानकारी के मुताबिक महारानी मंदिर का निर्माण महाराजा हरि सिंह की पत्नी मोहिनी बाई सिसोदिया ने 1915 में करवाया था। यह मंदिर जम्मू-कश्मीर के डोगरा राजाओं का है। यह धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा नियंत्रित मंदिरों में से एक है और इसका प्रबंधन तत्कालीन शाही परिवार द्वारा किया जाता है।

साल 2021 में, भारतीय सेना ने स्थानीय लोगों की मदद से कश्मीर के गुलमर्ग में 106 साल पुराने शिव मंदिर का जीर्णोद्धार किया था। इस मंदिर में एक मुस्लिम पुजारी सारे अनुष्ठानों को कराता है। लोग इस मंदिर को बहुलवादी संस्कृति का प्रमाण बताता रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि इस घटना के बाद लोग इस तरह मंदिर में आग लगने की घटना पर सवाल उठा रहे हैं और दोबारा से इसकी मरम्मत की माँग कर रहे हैं। इसके अलाव कुछ लोग इस घटना को चुनाव में भाजपा की हार से भी जोड़ कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा को कम सीटें देकर हिंदुत्व को खतरे में डालने का काम हुआ है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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