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विसर्जन जुलूस पर फायरिंग और पथराव, जदयू नेता की मौत: असलम, शहंशाह, आसिफ और अकबर गिरफ्तार

शनिवार देर शाम सरस्वती प्रतिमा ले जा रहे जुलूस पर मुस्लिम युवकों ने हमला कर दिया था। हमले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष अमित कुमार विश्वास के सिर पर गहरी चोट आई। रविवार को उनकी मौत हो गई। इससे लोगों का आक्रोश फूट पड़ा।

बिहार के शेखपुरा जिले में सरस्वती मूर्ति विसर्जन के दौरान शनिवार (फरवरी 1, 2020) को 2 सम्प्रदायों के बीच भड़की हिंसा में जेडीयू के एक स्थानीय नेता की मौत हो गई। पुलिस ने इस संबंध में सोमवार को 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक शनिवार देर शाम सरस्वती प्रतिमा ले जा रहे जुलूस पर मुस्लिम युवकों ने हमला कर दिया था। इसी हमले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष अमित कुमार विश्वास के सिर पर गहरी चोट आई।रविवार को उनकी मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जदयू नेता की हत्या से आक्रोशित लोगों ने रविवार को जमकर बवाल मचाया। भड़की भीड़ ने शहर के दल्लू मोड़ के पास सड़क जाम कर आगजनी की। दुकानें फूँक दी और राहगीरों से मारपीट भी की। स्थिति बिगड़ती देख जमुई, लखीसराय और मुंगेर से भी पुलिस बल को बुलाना पड़ा। मुंगेर के डीआईजी मनु महाराज भी मौके पर पहुँचे। काफी देर की मशक्कत के बाद उन्होंने लोगों को शांत कराया।

पुलिस ने शनिवार को हुई हिंसा मामले के संबंंध में सोमवार को 8 लोगों के ख़िलाफ़ हत्या, हत्या का प्रयास, आपराधिक धमकी जैसी आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपितों की पहचान इस्माइल खान, सैफुल खान, इश्तियाक खान, शहंशाह खान, अशरफ खान, आसिफ खान, अकबर खान, इरफान आलम के रूप में हुई। इनमें से असलम, शहंशाह, आसिफ और अकबर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार डीआईजी ने जेडीयू नेता की मौत के बाद भड़के लोगों को आश्वासन दिया था कि जल्द ही हिंसा भड़काने वालों को चिह्नित कर उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में सबको शांतिपूर्वक धार्मिक अनुष्ठान करने की आजादी है। स्वतंत्रता के नाम पर गुंडागर्दी नहीं चलेगी।

गौरतलब है कि अरियरी प्रखंड के सनैया गाँव में शनिवार देर शाम सरस्वती मूर्ति को विसर्जन के लिए ले जा रहे जुलूस पर मुस्लिम युवकों द्वारा पथराव किए जाने के बाद इलाके में स्थिति बिगड़ी। इस दौरान माँ सरस्वती की प्रतिमा को भी बदमाशों द्वारा खंडित किया गया। हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला जुलूस में डीजे बजाने के कारण शुरू हुआ। जुलूस में शामिल लोग डांस कर रहे थे। इसी दौरान कुछ मुस्लिम युवकों ने डीजे को बंद करने को कहा। डीजे बंद नहीं करने पर उन्होंने कई राउंड फायरिंग की। जब जुलूस में शामिल लोग भागने लगे तो उन पर ईंट-पत्थर से हमला किया गया। हमले में लगभग दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। गाँव में तनाव का माहौल देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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