Homeदेश-समाजJNU: छात्रों के दुर्व्यवहार से बीमार हुए डीन, एम्बुलेंस के आगे खड़े हो हॉस्पिटल...

JNU: छात्रों के दुर्व्यवहार से बीमार हुए डीन, एम्बुलेंस के आगे खड़े हो हॉस्पिटल पहुँचने से रोका

प्रोफेसर कदम को जेएनयू के हेल्थ सेंटर लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनका इलाज करना प्रारम्भ किया। लेकिन छात्र वहाँ भी पहुँच गए, उन्होंने बीमार प्रोफसर को बंधक बना लिया। उनकी रीढ़ में चोट आई और उन्हें...

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों ने आतंक मचाया। ये छात्र बड़ी संख्या आए थे, जिस कारण न सिर्फ़ डीन की तबियत ख़राब हो गई, बल्कि जब उन्हें हॉस्पिटल ले जाया जाने लगा, तो इन उत्पाती छात्रों ने उनके एंबुलेंस का रास्ता भी रोका। ख़ुद जेएनयू के वाईस चांसलर जगदीश कुमार ने 5 वीडियो ट्वीट कर इस पूरे मामले को सार्वजनिक किया।

इन पाँच वीडियो में आप देख सकते हैं कि जेएनयू के छात्रों के इस दुर्व्यवहार के कारण डीन की जान भी जा सकती थी और जिस तरह से उन्हें एम्बुलेंस में हॉस्पिटल जाने से रोका गया, उससे कुछ भी हो सकता था। आइए, जानते हैं कि छात्रों ने कैसे डीन के साथ दुर्व्यवहार किया।

जेएनयू के कन्वेशन सेंटर में सोमवार (अक्टूबर 28, 2019) को इंटर हॉस्टल एडमिनिस्ट्रेशन (IHS) की बैठक प्रस्तावित थी। इसमें कई ऐसे छात्र भी पहुँच गए, जो आईएचए के सदस्य नहीं हैं और उन्होंने वहाँ हंगामा शुरू कर दिया। बैठक में सिर्फ़ आईएचए के सदस्यों को ही सम्मिलित होना था। इसके बाद कमिटी के सदस्यों ने उन हंगामेबाज छात्रों से आग्रह किया कि वो बाहर चले जाएँ और बैठक को शांतिपूर्वक चलने दें। इसके बाद बदमाश छात्रों ने तेज़ आवाज़ में नारेबाजी की। उनके द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार के कारण वहाँ उपस्थित प्रोफेसर उमेश कदम की तबियत अचानक से बिगड़ गई।

प्रोफ़ेसर क़दम जेएनयू के ‘डीन ऑफ स्टूडेंट्स’ हैं। छात्रों ने ऐसा हंगामा किया कि उनका ब्लड-प्रेशर अचानक से बहुत ज्यादा हो गया और उनकी तबियत ख़राब हो गई। प्रोफेसर कदम को जेएनयू के हेल्थ सेंटर में लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनका इलाज करना प्रारम्भ किया। हालाँकि, छात्र वहाँ भी पहुँच गए और उन्होंने बीमार प्रोफसर को बंधक बना लिया। उनकी रीढ़ में चोटें आईं और उन्हें दूसरे हॉस्पिटल में जाना था। हालाँकि, छात्रों के प्रदर्शन के कारण उन्हें ले जाना काफ़ी मुश्किल था।

जेएनयू के वीसी ने छात्रों की इस हरकत को निंदनीय और अशोभनीय बताया। उन्होंने बताया कि प्रोफ़ेसर कदम की पत्नी और छोटे बच्चे भी उस समय हेल्थ सेंटर में ही मौजूद थे, जब छात्र उन्हें इलाज के लिए बाहर नहीं ले जाने दे रहे थे। उनकी तबियत बिगड़ती ही जा रही थी और पत्नी लगातार तनाव में थीं। छात्र बाहर खड़े होकर किसी भी हालत में बीमार डीन को बाहर के हॉस्पिटल में जाने देने को तैयार नहीं थे।

वाईस चांसलर जगदीश कुमार ने वो वीडियो भी ट्वीट किया, जिसमें छात्र डीन प्रोफेसर उमेश कदम के एम्बुलेंस को रास्ता देने से इनकार कर रहे हैं और उन्हें हेल्थ सेंटर नहीं पहुँचने दे रहे हैं। जेएनयू में स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है और वीसी लगातार ट्वीट कर मामले का अपडेट दे रहे हैं लेकिन अभी तक के हालात देख कर लग रहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उद्दंड छात्रों के आगे लाचार ही नज़र आ रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Antifa के आतंक पर BBC का पर्दा: हमलावरों को बताया ‘प्रदर्शनकारी’, अमेरिकी कोर्ट ने ICE सेंटर पर हमले और पुलिसकर्मी को गोली मारने को...

अमेरिका के टेक्सास ICE सेंटर हमले और पुलिस अधिकारी पर गोलीबारी में दोषी 8 Antifa सदस्यों को BBC ने अपनी रिपोर्ट में बताया प्रदर्शनकारी।

बऊबाजार ब्लास्ट के ‘मास्टरमाइंड’ की रिहाई पर SC की रोक, कोलकाता में ‘हिंदुओं को मारना’ चाहता था राशिद खान: पढ़ें- कैसे ममता सरकार ने...

बऊबाजार विस्फोट के दोषी राशिद खान की रिहाई फिलहाल रुकी, सुप्रीम कोर्ट अब दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश की समीक्षा करेगा।
- विज्ञापन -