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शरद पवार के खिलाफ ‘साजिश’ रचने के आरोप में पत्रकार गिरफ्तार: महाराष्ट्र राज्य परिवहन के कर्मचारियों ने किया था प्रदर्शन, फेंके थे चप्पल

शरद पवार के घर के सामने प्रदर्शन करने और पत्थर-चप्पल फेंकने के आरोप में (8 अप्रैल 2022) की देर रात 107 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिनमें 23 महिलाएँ भी हैं। इस मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या 116 हो गई है।

महाराष्ट्र (Maharashtra) की महाविकास अघाड़ी सरकार (MVA Government) की प्रमुख साझेदार राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) के आवास पर राज्य परिवहन के कर्मचारियों के विरोध के सिलसिले में बुधवार (13 अप्रैल) को पुलिस ने एक पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया।

पिछले सप्ताह महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के कर्मचारी पवार के आवास ‘सिल्वर ओक’ के पास विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान उनके आवास पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने पत्थर और चप्पलें भी फेंकी थीं। इस घटना के बाद पुलिस ने कई कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में कुल 115 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, 109 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

इस मामले में पुलिस ने यूट्यूब पत्रकार चंद्रकांत सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया है। पत्रकार ‘एमजेटी मराठी’ नाम से एक यूट्यूब चैनल चलाता है। मुंबई पुलिस ने उसे पुणे से गिरफ्तार किया है। पत्रकार को पूछताछ के लिए मुंबई शिफ्ट किया जा रहा है। लोक अभियोजक के अनुसार, चंद्रकांत सूर्यवंशी साजिश का हिस्सा था।

क्या है मामला

शरद पवार के घर के सामने प्रदर्शन करने और पत्थर-चप्पल फेंकने के आरोप में (8 अप्रैल 2022) की देर रात 107 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिनमें 23 महिलाएँ भी हैं। इस मामले में मुंबई के गाँवदेवी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। एसटी कर्मचारियों ने महाराष्ट्र सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाते हुए मुंबई में पवार के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। शरद पवार हाय-हाय के नारे भी लगाए थे। यह विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है।

बता दें कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के कर्मचारी नवंबर 2021 से हड़ताल पर हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने (Bombay High Court) MSRTC कर्मचारियों की हड़ताल (MSRTC Strike) को लेकर 7 अप्रैल को बड़ा फैसला दिया था। कोर्ट ने कर्मचारियों को 22 अप्रैल तक ड्यूटी पर फिर से लौटने का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कोर्ट के अल्टीमेटम के एक दिन बाद ही कर्मचारियों ने शरद पवार के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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