Wednesday, July 28, 2021
Homeदेश-समाजमुज़फ़्फ़रनगर दंगे: मुज़स्सिम, मुज़म्मिल, फ़ुरकान, नदीम, जहाँगीर, अफ़ज़ल, इक़बाल को आजीवन कारावास

मुज़फ़्फ़रनगर दंगे: मुज़स्सिम, मुज़म्मिल, फ़ुरकान, नदीम, जहाँगीर, अफ़ज़ल, इक़बाल को आजीवन कारावास

27 अगस्त, 2013, को जानसाठ कोतवाली क्षेत्र के कवाल गाँव में मलिकपुर के गौरव और उसके ममेरे भाई सचिन की हत्या कर दी गई थी। इन दोनों ही लोगों की जघन्य हत्या में ये सभी सात आरोपित शामिल थे।

मुज़फ़्फ़रनगर दंगों के 7 आरोपितों को कोर्ट ने आज 8 फ़रवरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा इन दोषियों पर दो-दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। बता दें कि जुर्माने की इस धनराशि में से अस्सी प्रतिशत पीड़ित परिवारों को दिया जाएगा।

6 फरवरी को अतिरिक्त ज़िला न्यायाधीश कोर्ट ने इन दंगे के जुड़े इन 7 आरोपितों को दोषी करार दिया था। जिसके बाद न्यायाधीश ने इन सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा दिया गया। इस मामले में दोषियों को सज़ा सुनाने के लिए कोर्ट ने 8 फ़रवरी की तारीख तय की थी।

बता दें कि साल 2013 में 27 अगस्त को जानसाठ कोतवाली क्षेत्र के कवाल गाँव में मलिकपुर के गौरव और उसके ममेरे भाई सचिन की हत्या कर दी गई थी।

इन दोनों ही लोगों की जघन्य हत्या में ये सभी सात आरोपित शामिल थे। अतिरिक्त ज़िला न्यायाधीश ने जिन सात लोगों को दंगे के लिए दोषी ठहराया है वे सभी एक ही सम्प्रदाय विशेष से हैं।

इन सभी आरोपितों के नाम क्रमश: मुज़स्सिम, मुज़म्मिल, फ़ुरकान, नदीम, जहाँगीर, अफ़ज़ल और इक़बाल हैं। इन सभी को कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

कवाला गाँव की इस घटना के बाद मुज़फ़्फ़रनगर शहर और शामली में भी दो सम्प्रदाय के बीच दंगे हुए थे। इस दंगे में लगभग 60 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे।

इस वीभत्स घटना में कुल 8 आरोपित थे, जिनमें एक आरोपित शाहनवाज़ की मौत पहले ही हो चुकी है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

उत्तर-पूर्वी राज्यों में संघर्ष पुराना, आंतरिक सीमा विवाद सुलझाने में यहाँ अड़ी हैं पेंच: हिंसा रोकने के हों ठोस उपाय  

असम के मुख्यमंत्री नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस के सबसे महत्वपूर्ण नेता हैं। उनके और साथ ही अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के लिए यह अवसर है कि दशकों से चल रहे आंतरिक सीमा विवाद का हल निकालने की दिशा में तेज़ी से कदम उठाएँ।

बकरीद की ढील का दिखने लगा असर? केरल में 1 दिन में कोरोना संक्रमण के 22129 केस, 156 मौतें भी

पूरे देश भर में रिपोर्ट हुए कोविड केसों में 53 % मामले अकेले केरल से आए हैं। भारत में कुल मामले जहाँ 42, 917 रिपोर्ट हुए। वहीं राज्य में 1 दिन में 22129 केस आए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,634FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe